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 सिकन्दराराऊ 03 जुलाई। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निबंधन विभाग के प्रस्तावित निजीकरण के विरोध में अधिवक्ताओं, कातिबों, स्टाम्प विक्रेताओं एवं टाइपिस्टों का संयुक्त आंदोलन शुक्रवार को लगातार 24वें दिन भी जारी रहा। उप-पंजीयक कार्यालय परिसर में आयोजित धरना-प्रदर्शन में आंदोलनकारियों ने निजीकरण के प्रस्ताव को वापस लेने की मांग दोहराई। धरना-प्रदर्शन की अध्यक्षता दिनेश चौहान ‘शोला’ ने की, जबकि संचालन देवकांत कौशिक, एडवोकेट ने किया। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डी.के. चौहान ‘शोला’ एडवोकेट ने कहा कि यह आंदोलन केवल अधिवक्ताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि आम जनता के अधिकारों, पारदर्शी व्यवस्था और रोजगार की सुरक्षा से जुड़ा विषय है। उन्होंने सरकार से जनभावनाओं का सम्मान करते हुए निबंधन विभाग के प्रस्तावित निजीकरण के निर्णय को वापस लेने की मांग की। धरने में मौजूद अधिवक्ताओं ने कहा कि यदि निबंधन कार्यालयों का संचालन निजी कंपनियों को सौंपा जाता है तो इससे अधिवक्ताओं, कातिबों और आम जनता के हित प्रभावित होंगे। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि जब तक सरकार प्रस्तावित निजीकरण का निर्णय वापस नहीं लेती, तब तक उनका शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। धरना-प्रदर्शन में राजेश बघेल, युवराज सिंह चौहान, गौरी शंकर गुप्ता, महेंद्र सिंह यादव, जयप्रकाश गुप्ता, मुरारी लाल शर्मा, हुकम सिंह बघेल, चन्द्रभान बघेल, ब्रजेश यादव, महेश चन्द्र अंजाना, जितेंद्र कुमार, सूरजपाल बघेल, रमेश शर्मा, के.एम. कुलश्रेष्ठ, ब्रजेश पाठक, महेंद्र सिंह, श्रीकृष्ण, मुनीश शर्मा, विजय उपाध्याय, प्रियांशु दरगढ़, दीपेश पाठक, कोमल सिंह, राधेश्याम बघेल, अजीत चौहान, आनन्द कुमार, देवेन्द्र कुमार संत, बाबूराम कातिब, संजीव कुमार यादव, धनीराम कातिब सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता, कातिब, स्टाम्प विक्रेता एवं टाइपिस्ट उपस्थित रहे।

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