
हाथरस 03 जुलाई। जिलाधिकारी अतुल वत्स ने आज को नमामि गंगे परियोजना के अंतर्गत जलेसर रोड पर निर्माणाधीन हाथरस सीवरेज योजना का स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति एवं गुणवत्ता का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कार्यदायी संस्था को निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से परियोजना पूर्ण करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान प्रोजेक्ट प्रबंधक ने बताया कि हाथरस सीवरेज योजना की स्वीकृत लागत 128.91 करोड़ रुपये है। परियोजना का कार्य 6 सितंबर 2024 से प्रारंभ हुआ था और इसे 5 जून 2026 तक पूरा किया जाना था। हालांकि अब परियोजना की समय-सीमा बढ़ाकर 5 नवंबर 2026 किए जाने की प्रक्रिया चल रही है। अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में परियोजना की लगभग 60.50 प्रतिशत भौतिक प्रगति हो चुकी है और शेष कार्य तेजी से कराया जा रहा है। जिलाधिकारी ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप एवं समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि सीवरेज परियोजना पूर्ण होने के बाद शहर की स्वच्छता व्यवस्था में सुधार होगा, जलभराव एवं प्रदूषण की समस्या में कमी आएगी तथा नागरिकों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी। डीएम अतुल वत्स ने कार्यदायी संस्था को निर्देशित किया कि परियोजना में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी न होने पाए। उन्होंने नियमित निगरानी के साथ निर्धारित समयावधि में कार्य पूर्ण करने पर बल दिया। निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), नगर पालिका परिषद हाथरस के अधिशासी अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।





















