हाथरस 28 जून। फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल (फेम) के जिलाध्यक्ष सुरेश अग्रवाल ने हाथरस के समग्र औद्योगिक विकास को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम एक मांगपत्र सदर विधायक अंजुला माहौर एवं भाजपा जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह कुशवाहा के माध्यम से सौंपा। उन्होंने जनपद में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण मांगें उठाईं।
सुरेश अग्रवाल ने कहा कि यूपीसीडा द्वारा सलेमपुर औद्योगिक परियोजना में स्थानीय उद्योगपतियों को प्राथमिकता न देकर प्रदेश से बाहर के लोगों को औद्योगिक इकाइयों के लिए भूमि आवंटित किया जाना मुख्यमंत्री की मंशा और प्रदेश सरकार की औद्योगिक नीति के विपरीत है। उनका कहना था कि हाथरस के उद्योगपतियों ने अपने उद्योगों के माध्यम से प्रदेश और देशभर में जनपद का नाम गौरवान्वित किया है, इसलिए स्थानीय उद्यमियों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हाथरस भौगोलिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण जनपद है। यहां सात रेलवे स्टेशन हैं तथा आगरा, अलीगढ़, मथुरा, एटा सहित कई जिलों से इसकी सीमाएं जुड़ी हुई हैं, जिससे यह औद्योगिक निवेश के लिए उपयुक्त स्थान है। मांगपत्र में ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों को राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों से जोड़ने, लघु एवं कुटीर उद्योगों के लिए अलग से औद्योगिक पार्क विकसित करने तथा जिले के औद्योगिक ढांचे को मजबूत करने की मांग की गई है। उनका कहना है कि इससे हाथरस में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और जिले का चौमुखी विकास होगा। सुरेश अग्रवाल ने यह भी कहा कि हाथरस को जिला बने 29 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन आज भी जीएसटी कार्यालय एक जर्जर किराए के भवन में संचालित हो रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश शासन एवं स्थानीय प्रशासन द्वारा भूमि चयन कर प्रस्ताव भेजे जाने के बावजूद अब तक नए भवन के निर्माण को स्वीकृति नहीं मिल सकी है। उन्होंने मुख्यमंत्री से जीएसटी कार्यालय के स्थायी भवन के निर्माण को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने की मांग की है। उन्होंने विश्वास जताया कि इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय होने से हाथरस का औद्योगिक विकास नई ऊंचाइयों पर पहुंचेगा और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।























