
हाथरस 19 जून । जीएसटी विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा (एसआईबी) मथुरा की जांच में सिकंदराराऊ की एक फर्म द्वारा घड़ियों के व्यापार की आड़ में करोड़ों रुपये के सीमेंट एवं अन्य वस्तुओं के फर्जी बिल जारी करने का मामला सामने आया है। जांच पूरी होने के बाद विभाग ने फर्म पर करीब 1.30 करोड़ रुपये कर एवं जुर्माना निर्धारित किया, जिसे संबंधित कारोबारी द्वारा जमा करा दिया गया है।
जानकारी के अनुसार कासगंज रोड स्थित ग्राम बारमऊ में संचालित कमल एक्सपोर्ट नामक फर्म की कारोबारी गतिविधियों को लेकर विभाग को संदेह था। इसके आधार पर विशेष अनुसंधान शाखा मथुरा की टीम ने फर्म के दस्तावेजों, अभिलेखों तथा मौके पर उपलब्ध स्टॉक का सत्यापन किया। जांच के दौरान अधिकारियों को फर्म परिसर में ऑनलाइन घड़ियों के कारोबार से संबंधित गतिविधियां और स्टॉक तो मिला, लेकिन रिकॉर्ड में फर्म द्वारा सीमेंट सहित अन्य वस्तुओं के करोड़ों रुपये के बिल जारी किए जाने के प्रमाण सामने आए। जबकि फर्म का जीएसटी पंजीकरण घड़ियों के व्यापार के लिए कराया गया था। अधिकारियों ने जब सीमेंट कारोबार से संबंधित स्टॉक, गोदाम और अन्य भौतिक व्यवस्थाओं का सत्यापन किया तो मौके पर ऐसा कोई कारोबार संचालित नहीं पाया गया। जांच में यह तथ्य सामने आया कि फर्म द्वारा वास्तविक रूप से सीमेंट का व्यापार किए बिना केवल बिल जारी किए जा रहे थे। इन्हीं बिलों के आधार पर इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ लिया जा रहा था। मामले की जांच पूरी होने के बाद विभाग ने फर्म पर लगभग 1.30 करोड़ रुपये का कर एवं जुर्माना निर्धारित किया, जिसकी राशि जमा करा दी गई है। विशेष अनुसंधान शाखा मथुरा के संयुक्त आयुक्त अनिल कुमार कनौजिया ने बताया कि कर चोरी और फर्जी बिलिंग पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत संदिग्ध कारोबारियों और फर्मों के लेन-देन की गहन जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों के खिलाफ भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
Next News :-बाईपास पर दो गुटों में ताबड़तोड़ फायरिंग, दहशत में भागे राहगीर, आठ नामजद समेत कई पर मुकदमा
For Advertisement Contact Us:- Basant Bagh, Water Works Colony, Hathras, Uttar Pradesh 204101








