
हाथरस 19 जून । प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा संचालित मृदा स्वास्थ्य एवं उर्वरता कार्यक्रम के तहत विकास खंड मुरसान के ग्राम नगला गजुआ में मृदा नमूना एकत्रीकरण अभियान चलाया गया। अभियान का उद्देश्य किसानों को मिट्टी की गुणवत्ता के प्रति जागरूक करना तथा वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम के दौरान ग्राम नगला गजुआ निवासी कृषक संतोष कुमार के खेत से वैज्ञानिक विधि के अनुसार मृदा नमूना एकत्र किया गया। इस अवसर पर किसानों को मृदा परीक्षण के महत्व, संतुलित उर्वरकों के उपयोग, मिट्टी के स्वास्थ्य को बनाए रखने तथा मृदा स्वास्थ्य कार्ड की उपयोगिता के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
उप कृषि निदेशक सत्येन्द्र सिंह ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे नियमित रूप से अपने खेतों की मिट्टी की जांच कराएं और मृदा स्वास्थ्य कार्ड में दी गई संस्तुतियों के आधार पर खाद एवं उर्वरकों का प्रयोग करें। उन्होंने बताया कि इससे न केवल कृषि उत्पादन लागत में कमी आती है, बल्कि फसल उत्पादन और किसानों की आय में भी वृद्धि संभव होती है। कार्यक्रम में कृषक संतोष कुमार, विनोद कुमार, योजना प्रभारी निवास पचौरी, प्रभारी मृदा परीक्षण प्रयोगशाला कैलाश सिंह, वरिष्ठ प्राविधिक सहायक ग्रुप-बी आजाद खान तथा देव कुमार (एटीएम) सहित अन्य किसान एवं कृषि विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।


























