
हाथरस 16 जून । संयुक्त संघर्ष समिति, सदर तहसील हाथरस के तत्वावधान में प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तावित फ्रंट ऑफिस प्रणाली के विरोध में मंगलवार को दूसरे दिन भी अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों (कातिबों), स्टांप वेंडरों एवं टाइपिस्टों ने तहसील सदर परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रस्तावित व्यवस्था को वापस लेने की मांग की। धरना-प्रदर्शन की अध्यक्षता वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश चौधरी एडवोकेट ने की, जबकि संचालन सुदर्शन शर्मा एडवोकेट द्वारा किया गया। धरना स्थल पर संबोधित करते हुए मनोज कातिब ने कहा कि प्रस्तावित फ्रंट ऑफिस प्रणाली दस्तावेज लेखकों के रोजगार को प्रभावित करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार के इस कदम का पुरजोर विरोध किया जाएगा और इसे किसी भी कीमत पर लागू नहीं होने दिया जाएगा। वरिष्ठ अधिवक्ता अवधेश शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार को प्रस्तावित फ्रंट ऑफिस प्रणाली वापस लेनी होगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने इस निर्णय पर पुनर्विचार नहीं किया तो अधिवक्ता समुदाय और अधिक उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। उन्होंने यह भी कहा कि विरोध के तहत तहसील हाथरस में न्यायिक कार्य एवं पंजीकरण कार्य अनिश्चितकाल तक बंद रहेंगे। धरना स्थल पर भूपेंद्र शर्मा एडवोकेट, मयंक शर्मा एडवोकेट, मधुर चौधरी एडवोकेट, नितिन जैसवाल एडवोकेट, अमित उपाध्याय एडवोकेट अजय शर्मा एडवोकेट ऋषि बघेल एडवोकेट पवन शर्मा एडवोकेट बृजकांत बाबू एडवोकेट उमेशचंद्र शर्मा एडवोकेट देवेश शर्मा एडवोकेट मदन मोहन गौड़ एडवोकेट हरिशंकर सोनू रावत विजेंद्र सिंह दीपांशु वार्ष्णेय आदि अधिवक्तागण एवं कातिबगण एवं स्टांप वेंडर एवं टाइपिस्ट मौजूद रहे






















