Hamara Hathras

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हाथरस 19 जून । हाथरस जिले के सुनियोजित और आधुनिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग (संभागीय नियोजन खंड, आगरा) ने हाथरस विकास प्राधिकरण hathras development authority के गठन का विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया है। प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने के बाद हाथरस, सादाबाद, सासनी और सिकंदराराऊ सहित जिले के बड़े हिस्से के विकास की तस्वीर बदल सकती है। नए प्राधिकरण के दायरे में इन नगरों के साथ लगभग 370 राजस्व ग्रामों को भी शामिल किया गया है, जिससे शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों का संतुलित एवं योजनाबद्ध विकास सुनिश्चित किया जा सके।

हाथरस विकास प्राधिकरण के गठन की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। वर्तमान में जिले के शहरी विकास की निगरानी सीमित संसाधनों और तकनीकी स्टाफ के सहारे की जा रही है, जिसके कारण अनियोजित कॉलोनियों का विस्तार लगातार बढ़ता गया। अब प्रस्तावित प्राधिकरण के माध्यम से न केवल अवैध कॉलोनियों पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा, बल्कि हाथरस महायोजना-2031 को भी बेहतर ढंग से लागू किया जा सकेगा।

विशेष बात यह है कि राज्य सरकार द्वारा निर्धारित मानकों की समीक्षा में हाथरस नगरीय क्षेत्र ने 100 में से 75 अंक प्राप्त किए हैं, जबकि विकास प्राधिकरण के गठन के लिए न्यूनतम 60 अंकों की आवश्यकता होती है। इस उपलब्धि ने जिले के लिए विकास प्राधिकरण गठन का मार्ग लगभग प्रशस्त कर दिया है। वर्ष 2021 के अनुमान के अनुसार प्रस्तावित विकास क्षेत्र की आबादी लगभग 4.42 लाख है, जिसे ध्यान में रखते हुए भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप आधारभूत ढांचे की योजना तैयार की जाएगी।

प्रस्तावित प्राधिकरण में हाथरस और सिकंदराराऊ नगर पालिका परिषदों के अलावा सादाबाद, सासनी, मुरसान, मेंडू, हसायन, सहपऊ और पुरदिलनगर नगर पंचायतों को शामिल किया गया है। इसके साथ ही इन क्षेत्रों के आसपास स्थित लगभग 370 गांव भी विकास क्षेत्र का हिस्सा होंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में भी बेहतर सड़क, जल निकासी, आवास और अन्य नागरिक सुविधाओं का विस्तार संभव हो सकेगा।

सासनी और सादाबाद को इस विकास योजना का प्रमुख केंद्र माना जा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग-34 पर स्थित सासनी आगरा-अलीगढ़ विकास कॉरिडोर के निकट होने के कारण तेजी से विकसित हो रहा है और भविष्य में बड़ा व्यावसायिक एवं आवासीय केंद्र बन सकता है। वहीं सादाबाद आलू उत्पादन और कोल्ड स्टोरेज उद्योग का प्रमुख हब होने के कारण आर्थिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र है। सादाबाद और सिकंदराराऊ को केंद्र सरकार की अमृत 2.0 योजना के तहत भी विकास योजनाओं में शामिल किया गया है।

विकास प्राधिकरण बनने के बाद जिले में चौड़ी सड़कों, आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम, पार्कों, स्टेडियमों, पुस्तकालयों और अन्य नागरिक सुविधाओं के विकास को गति मिलेगी। साथ ही हींग, रेडीमेड वस्त्र और अन्य स्थानीय उद्योगों के लिए बेहतर आधारभूत ढांचा तैयार किया जा सकेगा, जिससे निवेश बढ़ेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के अधिकारियों के अनुसार शासन की मंशा के अनुरूप सभी आवश्यक आंकड़े संकलित कर विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर भेज दिया गया है। अब शासन स्तर से स्वीकृति मिलने के बाद हाथरस विकास प्राधिकरण के गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, जिससे जिले के विकास को नई दिशा और नई गति मिलने की उम्मीद है।

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