
हाथरस 08 जून । समाज कल्याण एवं शांति संगठन (स्वापो) की हाथरस शाखा द्वारा सामाजिक सेवा और मानवता के प्रति अपने दायित्व का निर्वहन करते हुए कछला स्थित गंगा कुष्ठ आश्रम में एक प्रेरणादायी सेवा अभियान चलाया गया। संस्था के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने आश्रम पहुंचकर कुष्ठ रोगियों के बीच खाद्य सामग्री, वस्त्र तथा चिकित्सा सामग्री का वितरण किया और उन्हें प्रेम, सम्मान एवं अपनत्व का एहसास कराया। संस्था द्वारा आश्रम में निवासरत रोगियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए बड़ी मात्रा में राहत सामग्री उपलब्ध कराई गई। वितरित सामग्री में चावल, दलिया, मसूर दाल, चीनी, नमक, सरसों का तेल, मसाले, सोयाबीन बड़ी, चिड़वे (मुरमुरे), लीची एवं आम सहित विभिन्न खाद्य सामग्री शामिल रही। इसके अतिरिक्त धोती, पेटीकोट, लुंगी, बनियान, अंगोछे, बेडशीट, वाशिंग पाउडर तथा साबुन भी वितरित किए गए।
स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए संस्था द्वारा बैंडेज, कॉटन रोल (रुई) तथा बीटाडिन सॉल्यूशन जैसी चिकित्सा सामग्री भी आश्रम को उपलब्ध कराई गई, जिससे रोगियों को प्राथमिक उपचार में सहायता मिल सके। आश्रम के निवासियों ने संस्था के इस आत्मीय सहयोग और संवेदनशील पहल की सराहना करते हुए सभी सदस्यों का हृदय से आभार व्यक्त किया। इस दौरान स्वापो के पदाधिकारियों ने रोगियों से संवाद कर उनका हालचाल जाना तथा भविष्य में भी हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। इस अवसर पर संस्था के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष कपिल अग्रवाल ने कहा कि यह केवल सामग्री वितरण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज के उन लोगों के प्रति प्रेम, सम्मान और संवेदना व्यक्त करने का प्रयास है जो अक्सर उपेक्षा का सामना करते हैं। उन्होंने कहा कि यदि समाज में सेवा का भाव जागृत हो जाए तो किसी भी जरूरतमंद को अकेला महसूस नहीं करना पड़ेगा। स्वापो का संकल्प समाज के प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति तक सहायता पहुंचाना है।
इस पुनीत कार्य को सफल बनाने में स्वापो संस्था के स्काई मेंबर्स और पदाधिकारियों ने अग्रिम भूमिका निभाई। कार्यक्रम में मुख्य रूप से संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष कपिल अग्रवाल, संरक्षक गोविंद प्रसाद अग्रवाल, कोषाध्यक्ष विष्णु मोहन वार्ष्णेय, केशव देव अरोरा,जिला महामंत्री उत्कर्ष शर्मा, नगर महामंत्री लव तायल ,मुकेश सिंघल, मनीष गोयल, मोहित गर्ग , गोपाल दास वार्ष्णेय , मनोज अग्रवाल,राहुल कुमार एडवोकेट आदि उपस्थित थे। स्वापो की यह पहल सामाजिक समरसता, सेवा भावना और मानवता के प्रति समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आई।

























