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हाथरस 07 जून । सावन कृपाल रूहानी मिशन के बैनर तले रविवार को मिशन की विभिन्न शाखाओं—कृपाल आश्रम गौशाला मार्ग हाथरस, कृपाल आश्रम पिछोंती (हसायन) एवं राजिंदर आश्रम वीर नगर (सासनी) में साप्ताहिक आध्यात्मिक प्रवचन एवं सत्संग का आयोजन श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ किया गया। सत्संग के दौरान दयाल पुरुष दर्शन सिंह जी महाराज तथा मिशन के प्रमुख एवं विश्व विख्यात संत राजिंदर सिंह जी महाराज की रूहानी वाणी को ऑडियो-वीडियो माध्यम से संगत को सुनाया गया। अपने प्रवचनों में महाराज जी ने बताया कि जब-जब संसार में सच्चे संत महापुरुष अवतरित हुए हैं, उन्होंने मानवता को यही संदेश दिया है कि प्रभु प्रेम का अथाह सागर हैं। हमारी आत्मा परमात्मा का ही अंश है, इसलिए वह भी प्रभु प्रेम से परिपूर्ण है। उन्होंने कहा कि परमात्मा की असीम दया से मनुष्य को यह दुर्लभ मानव जीवन प्राप्त हुआ है, जिसे नर-नारायणी देह भी कहा जाता है। इसी मानव शरीर में आत्मा अपने वास्तविक स्वरूप को पहचानकर परमात्मा में आत्मसात हो सकती है। महाराज जी ने समझाया कि यदि मनुष्य अपने जीवन को सफल बनाना चाहता है और इसी जीवन में आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त करना चाहता है, तो उसे किसी पूर्ण संत सतगुरु की शरण ग्रहण करनी चाहिए। पूर्ण सतगुरु ही जीवात्मा को उसके वास्तविक लक्ष्य—स्वयं को जानने और प्रभु से मिलन कराने—का मार्ग सहजता से दिखाते हैं। सत्संग के साथ-साथ विभिन्न शाखाओं में कई जनकल्याणकारी एवं आध्यात्मिक गतिविधियां भी संचालित की गईं। इनमें बाल सत्संग, निःशुल्क प्याऊ सेवा, आध्यात्मिक पुस्तक स्टॉल, दर्शन लाइब्रेरी तथा निःशुल्क चिकित्सा डिस्पेंसरी प्रमुख रहीं। वहीं हाथरस शाखा में निःशुल्क राजिंदर सिलाई सेंटर एवं कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र का भी संचालन किया गया, जिससे समाज के विभिन्न वर्गों को लाभ प्राप्त हो रहा है। सत्संग के उपरांत महाराज जी के निर्देशानुसार सभी अनुयायियों को भजन-सुमिरन में बैठाया गया। इसके पश्चात सभी शाखाओं में उपस्थित संगत को प्रेमपूर्वक लंगर प्रसाद वितरित किया गया, जिसे श्रद्धालुओं ने अत्यंत श्रद्धा एवं उत्साह के साथ ग्रहण किया। कार्यक्रम के सफल संचालन में सभी शाखाओं की प्रबंध समितियों, सक्रिय सेवादार भाई-बहनों एवं मिशन के समर्पित अनुयायियों का सराहनीय योगदान रहा।

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