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सासनी 02 जून । विश्व हिंदू परिषद (विहिप) प्रखंड सासनी के तत्वावधान में ग्राम लुटसान एवं कसनगला (दरकोली) में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के पावन अवसर पर भव्य स्वागत समारोह एवं धर्म सभा का आयोजन किया गया। कथा व्यास परम पूज्य माधवी रक्षिता किशोरी जी (लुटसान) एवं आचार्य संतोष भारद्वाज जी (कसनगला) के आगमन पर विहिप पदाधिकारियों और ग्रामीणों ने फूल-मालाओं, अंगवस्त्र एवं स्मृति चिह्न भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत किया। धर्म सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने सनातन धर्म के संरक्षण, सामाजिक समरसता, युवा पीढ़ी के मार्गदर्शन और सांस्कृतिक मूल्यों के संवर्धन पर अपने विचार रखे। बेटियों को संस्कारों के साथ आत्मरक्षा का प्रशिक्षण भी जरूरी: डॉ. अमित भार्गव विश्व हिंदू परिषद के जिला उपाध्यक्ष डॉ. अमित भार्गव ने कहा कि वर्तमान समय में बेटियों को अपनी गौरवशाली संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ नैतिक संस्कारों का ज्ञान भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, “आज की बेटियों को अपनी संस्कृति, इतिहास और परंपराओं की जानकारी होनी चाहिए। साथ ही सामाजिक परिस्थितियों को देखते हुए आत्मरक्षा के गुर सीखकर उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से भी सशक्त बनना होगा।” भागवत कथा समाज को जोड़ने का माध्यम: विद्याभूषण गर्ग विहिप के जिला सेवा प्रमुख विद्याभूषण गर्ग ने श्रीमद्भागवत कथा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में आध्यात्मिक चेतना जागृत करने के साथ-साथ लोगों को एक सूत्र में बांधने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि गांवों और कस्बों में नियमित रूप से धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होना चाहिए, जिससे नई पीढ़ी में धर्म और संस्कारों के प्रति आस्था एवं निष्ठा विकसित हो सके। सामाजिक चुनौतियों के प्रति सजग रहने का आह्वानप्रखंड अध्यक्ष योगेश वार्ष्णेय ने युवाओं और अभिभावकों से सामाजिक चुनौतियों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया। उन्होंने समाज में जागरूकता और एकता बनाए रखने पर बल देते हुए कहा कि सभी को अपने सांस्कृतिक मूल्यों और पारिवारिक परंपराओं के संरक्षण के लिए सतर्क एवं संगठित रहना चाहिए। गौ संरक्षण को बताया धार्मिक और सामाजिक दायित्व कार्यक्रम के संयोजन में सक्रिय भूमिका निभा रहे प्रखंड उपाध्यक्ष हेमंत कौशल ने​ “गौ रक्षा केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हमारा परम धार्मिक कर्तव्य है। जब तक हमारी गौ माता सुरक्षित और पूजित नहीं होगी, तब तक सनातन संस्कृति की पूर्णता की कल्पना नहीं की जा सकती। हम सभी को मिलकर गौ वंश के संरक्षण, संवर्धन और अवैध तस्करी के खिलाफ एकजुट होकर काम करना होगा।भागवत कथा के दौरान पूरा माहौल ‘राधे-राधे’ और ‘जय श्री राम’ के जयकारों से गुंजायमान रहा। लुटसान और कसनगला (दरकोली) के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने कथा का रसपान किया और विहिप के इस वैचारिक व धार्मिक अभियान की सराहना की। ​इस अवसर पर विहिप प्रखंड सासनी के कार्यकर्ताओं सहित भारी संख्या में मातृशक्ति, प्रबुद्ध नागरिक और स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।

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