
हाथरस 01 जून । जनपद के विकास खंड मुरसान में तैनात बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) स्तुति वर्मा के खिलाफ गंभीर शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए निदेशालय बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार उत्तर प्रदेश, लखनऊ ने कड़ा रुख अपनाया है। निदेशालय ने सीडीपीओ के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। इस संबंध में जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) हाथरस को एक पत्र भेजकर सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच करने और निर्धारित समयावधि के भीतर विस्तृत आख्या (रिपोर्ट) शासन को उपलब्ध कराने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने खोला मोर्चा, लगाए वित्तीय अनियमितता के आरोप
शासन से प्राप्त पत्र के अनुसार, मुरसान क्षेत्र की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बाल विकास एवं पुष्टाहार के निदेशक को एक शिकायती पत्र भेजकर सीडीपीओ स्तुति वर्मा पर भ्रष्टाचार और अपनी शक्ति के दुरुपयोग के कई गंभीर आरोप लगाए हैं। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि सरकार द्वारा गरीब, गर्भवती महिलाओं एवं कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य सुधार के लिए आने वाले पोषाहार (पुष्टाहार) के वितरण में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की जा रही हैं। इसके साथ ही शिकायत में यह भी कहा गया है कि कर्मचारियों पर कथित रूप से अवैध रूप से आर्थिक दबाव बनाया जाता है।
निजी कार्य कराने और कार्रवाई की धमकी देने का भी आरोप
शिकायतकर्ता कार्यकर्ताओं ने पत्र में अपनी प्रशासनिक प्रताड़ना का जिक्र करते हुए आरोप लगाया है कि सीडीपीओ द्वारा अधीनस्थ कर्मचारियों से विभागीय कार्यों के अतिरिक्त उनके निजी कार्य भी कराए जाते हैं। यदि कोई कर्मचारी या कार्यकर्ता इसका विरोध करता है, तो उसे नौकरी से निकालने या विभागीय दंडात्मक कार्रवाई करने की धमकी दी जाती है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में निदेशालय स्तर से जांच के आदेश आने के बाद से ही बाल विकास विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। अब जिला कार्यक्रम अधिकारी की जांच रिपोर्ट पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

























