
हाथरस 22 मई। जनपद को पर्यटन एवं आतिथ्य के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने तथा निवेश एवं रोजगार के नए अवसर सृजित करने के उद्देश्य से “टूरिज्म कॉन्क्लेव हाथरस – द बेड एंड ब्रेकफास्ट पॉलिसी” का भव्य आयोजन श्री कैला फार्म्स, हाथरस में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में पर्यटन विकास से जुड़े विभिन्न आयामों पर विस्तृत चर्चा करते हुए जनपद को पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में ठोस रणनीति तैयार की गई।
कॉन्क्लेव के दौरान पांच विभिन्न सत्र आयोजित किए गए। प्रथम सत्र में जनप्रतिनिधियों से संवाद हुआ, जिसमें सदर विधायक अंजुला सिंह माहौर, सिकंद्राराऊ विधायक वीरेन्द्र सिंह राणा, सादाबाद विधायक प्रदीप कुमार, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह कुशवाह, राष्ट्रीय लोकदल जिलाध्यक्ष श्याम सिंह तथा अपना दल जिलाध्यक्ष रवि सारस्वत शामिल रहे।
द्वितीय सत्र में मंडलायुक्त अलीगढ़ मंडल संगीता सिंह, जिलाधिकारी अतुल वत्स, पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा तथा मुख्य विकास अधिकारी पी.एन. दीक्षित सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने पर्यटन विकास की संभावनाओं पर विचार साझा किए। तृतीय एवं चतुर्थ सत्र में उद्यमियों, व्यापारियों, होटल एवं अतिथि गृह संचालकों ने निवेश, होटल उद्योग और होमस्टे संचालन से जुड़े सुझाव प्रस्तुत किए। वहीं पंचम सत्र में बैंकिंग एवं वित्तीय संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने पर्यटन परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता और योजनाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की “द बेड एंड ब्रेकफास्ट पॉलिसी” के अंतर्गत होमस्टे एवं आतिथ्य क्षेत्र में उपलब्ध निवेश अवसरों की जानकारी भी साझा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इस नीति के माध्यम से स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार एवं रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे और ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

मंडलायुक्त संगीता सिंह ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि सम्मेलन का उद्देश्य जनपद में पर्यटन विकास की संभावनाओं को बढ़ावा देना तथा स्थानीय उद्यमियों एवं होटल व्यवसायियों को नई पर्यटन नीतियों से जोड़ना है। उन्होंने धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ इको टूरिज्म को भी बढ़ावा देने पर जोर दिया। इस अवसर पर उन्होंने अपनी लिखित पुस्तक “Walking with Wings and a Camera: Encounters with Birds of Aligarh” जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को भेंट की। जिलाधिकारी अतुल वत्स ने कहा कि हाथरस की सांस्कृतिक, धार्मिक एवं ऐतिहासिक विरासत को पर्यटन के माध्यम से राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में यह कॉन्क्लेव एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने होटल संचालकों, उद्यमियों, व्यापारिक संगठनों और निवेशकों से सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील करते हुए कहा कि पर्यटन एवं आतिथ्य क्षेत्र का विकास स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगा और युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध कराएगा। कार्यक्रम में अपर पुलिस अधीक्षक, परियोजना निदेशक, जिला विकास अधिकारी, उपजिलाधिकारी, जिला पर्यटन अधिकारी, उपायुक्त उद्योग, उद्योग बंधु तथा व्यापारी बंधु सहित बड़ी संख्या में अधिकारी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।



























