
हाथरस 18 मई । जनपद के ग्राम भूलगढ़ी और शाहजादपुर में ‘उर्वरकों का संतुलित उपयोग’ विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। भूलगढ़ी से 26 तथा शाहजादपुर से 79 किसानों ने कार्यक्रम में सहभागिता कर वैज्ञानिकों से आधुनिक एवं टिकाऊ खेती की महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम में डॉ. बलवीर सिंह, कृषि विज्ञान केंद्र हाथरस से उपस्थित रहे। वहीं आईसीएआर-भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान, मेरठ से प्रधान वैज्ञानिक डॉ. ए. के. प्रुष्टी, डॉ. मोहम्मद आरिफ़ तथा शिवम राठी ने किसानों को संबोधित किया। वैज्ञानिकों ने किसानों को बताया कि मिट्टी की सेहत को बेहतर बनाए रखने और फसलों की उत्पादकता बढ़ाने के लिए रासायनिक उर्वरकों का सीमित और संतुलित उपयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने मृदा परीक्षण, हरी खाद और जैविक विकल्पों को अपनाने पर विशेष बल दिया। इस अवसर पर भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ाने के उद्देश्य से किसानों को 20 किलोग्राम धैंचा बीज भी वितरित किए गए, जिससे वे हरी खाद के माध्यम से मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार कर सकें। कार्यक्रम के उपरांत वैज्ञानिकों की टीम ने ग्राम शाहजादपुर में प्रगतिशील किसान बृजेश के प्राकृतिक खेती मॉडल का निरीक्षण किया। वैज्ञानिकों ने वहां अपनाई जा रही जैविक एवं पारंपरिक कृषि तकनीकों की सराहना करते हुए अन्य किसानों को भी प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया।
























