
हाथरस 18 मई । अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत ने रविवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर विभिन्न उत्पादों पर अंकित अधिकतम विक्रय मूल्य (एमआरपी) में हो रही अनियमितताओं और उपभोक्ताओं के आर्थिक शोषण के विरोध में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय वित्त मंत्री तथा केंद्रीय वाणिज्य मंत्री को प्रेषित किया गया।
ज्ञापन में संगठन ने मांग की कि केंद्र सरकार इस विषय पर कठोर एवं प्रभावी कानून बनाए, जिससे उत्पादों पर अंकित एमआरपी तर्कसंगत और न्यायसंगत निर्धारित की जा सके। संगठन का कहना है कि अनेक कंपनियां उत्पादों पर वास्तविक लागत से कई गुना अधिक मूल्य अंकित कर उपभोक्ताओं का आर्थिक शोषण कर रही हैं। उदाहरण स्वरूप ज्ञापन में बताया गया कि चिकित्सा में उपयोग होने वाले ड्रिप सेट पर जहां ₹267 तक एमआरपी अंकित होती है, वहीं वही उत्पाद बाजार में लगभग ₹70 में उपलब्ध हो जाता है। इसी प्रकार लगभग 100 पृष्ठों की पाठ्य पुस्तकें ₹350 तक बेची जाती हैं, जबकि उनकी वास्तविक लागत काफी कम होती है। दवाओं पर भी अंकित मूल्य की तुलना में भारी छूट दिए जाने से एमआरपी निर्धारण की असंगतियां उजागर होती हैं। अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत ने बताया कि उपभोक्ता हितों की रक्षा के लिए मई 2026 में राष्ट्रव्यापी अभियान चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत देशभर के जिलाधिकारियों के माध्यम से ज्ञापन भेजे जा रहे हैं तथा सोशल मीडिया के जरिए जनजागरण किया जा रहा है। संगठन द्वारा 25 मई 2026 को जंतर-मंतर पर राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा, जिसमें देशभर से कार्यकर्ता और उपभोक्ता भाग लेंगे। संगठन ने आमजन से इस अभियान से जुड़कर उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा के लिए आगे आने की अपील की। ज्ञापन सौंपने वालों में राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल एडवोकेट, अनूप अग्रवाल उदय, मनोज बूटियां, लोकेश अग्रवाल, मनोज वर्मा, राम अग्रवाल एवं श्याम अग्रवाल प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
























