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सासनी 11 मई । जिले के इगलास रोड पर बीते दिनों मिले एक अज्ञात युवक के शव की शिनाख्त को लेकर एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस और प्रशासन के होश उड़ा दिए हैं। एक ही शव पर दो अलग-अलग समुदायों के परिवारों ने अपने बेटे होने का दावा किया है, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, इगलास रोड पर मिले शव की पहचान सबसे पहले गांव छोड़ा गडुऊआ निवासी साविर ने अपने 22 वर्षीय बेटे हासिम के रूप में की थी। साविर ने इस मामले में गांव के ही पांच नामजद और सात अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने शव को सुपुर्द-ए-खाक (दफनाना) कर दिया था। मामले में रोचक मोड़ तब आया जब गांव लहोर्रा निवासी नोरंगी लाल ने थाने पहुंचकर शव को अपने बेटे हरी बाबू उर्फ सूसा का होने का दावा किया। नोरंगी लाल के अनुसार, मृतक के कपड़े, सैंडिल, हाथ का कड़ा और बाजू पर बना ‘जाहरवीर बाबा’ का चित्र उनके बेटे हरी बाबू की पहचान है। परिजनों ने बताया कि हरी बाबू हलवाई का काम करता था और 5 मई से लापता था।

दूसरे पक्ष का दावा है कि जिस स्थान पर शव मिला था, उसके पास लगे सीसीटीवी कैमरे में हरी बाबू गांव की ओर जाता दिखाई दे रहा है, लेकिन कुछ दूरी पर ही उसका शव बरामद हुआ। इस नए दावे के बाद पुलिस के सामने अब यह बड़ी चुनौती है कि दफनाया गया शव वास्तव में किसका है। पुलिस ने दूसरे पक्ष की तहरीर ले ली है और मामले की गंभीरता को देखते हुए कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाने की बात कही है। संभावना जताई जा रही है कि शव की सही पहचान सुनिश्चित करने के लिए उसे कब्र से निकालकर दोबारा जांच या डीएनए टेस्ट की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। फिलहाल क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।

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