
हाथरस 09 मई । जनसुनवाई पोर्टल (IGRS) और हेल्पलाइन पर प्राप्त होने वाली जनशिकायतों के त्वरित निस्तारण में जनपद हाथरस ने प्रदेश स्तर पर शानदार प्रदर्शन किया है। शासन द्वारा जारी अप्रैल माह की मासिक मूल्यांकन रिपोर्ट के अनुसार, हाथरस को उत्तर प्रदेश की रैंकिंग में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है। जिले ने शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण समाधान के चलते 97.14 प्रतिशत अंक हासिल कर शीर्ष जनपदों में अपनी जगह बनाई है। तहसील स्तर पर जारी रैंकिंग में सिकंदराराऊ और सासनी तहसील ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए संयुक्त रूप से प्रदेश में शीर्ष स्थान पाया है। दोनों तहसीलों ने 100 में से 100 अंक प्राप्त कर अपनी सक्रियता साबित की। वहीं, सादाबाद तहसील 98 प्रतिशत अंकों के साथ 94वें स्थान पर रही, जबकि हाथरस सदर तहसील का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा और उसे 89 प्रतिशत अंकों के साथ 194वीं रैंक से संतोष करना पड़ा।
रैकिंग में सुधार का एक बड़ा कारण जिलाधिकारी कार्यालय द्वारा मुख्यमंत्री कार्यालय और उच्चाधिकारियों से प्राप्त संदर्भों का प्रभावी प्रबंधन रहा। जिले में सी-श्रेणी (खराब श्रेणी) के संदर्भों की संख्या शून्य रही, जिससे हाथरस को रैंकिंग चार्ट में बढ़त मिली। जिलाधिकारी ने इस उपलब्धि का श्रेय अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सक्रियता और जिम्मेदारी को दिया है। जिलाधिकारी ने रैंकिंग में पिछड़ने वाली तहसीलों (विशेषकर हाथरस सदर) की कार्यप्रणाली पर नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीएम ने सभी अधिकारियों को भविष्य में भी शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने का आह्वान किया है ताकि जनपद की रैंकिंग बरकरार रहे।


























