सिकंदराराऊ (हसायन) 04 मई । हाथरस जंक्शन कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत कैशोपुर पुलिस चौकी के निकटवर्ती गांव मोहब्बतपुरा में दो दिन पूर्व हुई मारपीट के मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लग रहे हैं। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद पुलिस नामजद आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर रही है, जिसके चलते आरोपी अब खुलेआम घूमकर पीड़ित परिवार पर मुकदमा वापस लेने और फैसला करने का दबाव बना रहे हैं। गांव मोहब्बतपुरा निवासी रविन्द्रपाल पुत्र रघुवीर सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 1 मई की रात करीब सवा नौ बजे उनका पुत्र विकास अपनी दुकान बंद कर घर लौट रहा था। तभी पुरानी रंजिश को लेकर गांव के ही पवन, अनिल, छोटा, अंकित, पूनम, प्रियंका, प्रियांशु, हर्ष, दीपू और डी.पी. ने लाठी-डंडों व सरियों से विकास पर जानलेवा हमला कर दिया। हमले में विकास के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं। शोर सुनकर जब माता-पिता मौके पर पहुंचे, तो आरोपी विकास को मरा हुआ समझकर भाग निकले।
पीड़ित विकास और उसके पिता का कहना है कि पुलिस ने कागजों में मुकदमा तो दर्ज कर लिया है, लेकिन आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। पीड़ित का आरोप है कि नामजद आरोपी क्षेत्रीय राजनीतिक रसूख वाले लोगों के माध्यम से घर आकर धमका रहे हैं। उन्हें मुकदमा वापस लेने के लिए मजबूर किया जा रहा है और ऐसा न करने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी जा रही है। पीड़ित युवक ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी न होने की वजह से वह और उसका परिवार दहशत में है और उनका घर से निकलना भी दूभर हो गया है। घायल युवक और परिजनों ने उच्चाधिकारियों से गुहार लगाते हुए आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की है।

























