सिकंदराराऊ (हसायन) 04 मई । विकासखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत नारई में तैनात ग्राम विकास अधिकारी (सचिव) मुकेश यादव को शासकीय कार्यों में घोर लापरवाही और वित्तीय अनियमितता के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे सहायक जिला पंचायत राज अधिकारी (ADPRO) द्वारा की गई है। शासन के निर्देशानुसार राशन वितरण को सुलभ बनाने के लिए ग्राम पंचायतों में अन्नपूर्णा भवनों का निर्माण कराया जा रहा है। ग्राम पंचायत नारई के सचिव मुकेश यादव पर आरोप है कि उन्होंने भू-प्रबंधन समिति की अनिवार्य सहमति लिए बिना ही गांव की ‘खलिहान’ की सुरक्षित भूमि पर अन्नपूर्णा भवन का निर्माण कार्य शुरू करा दिया। इस अवैध निर्माण पर सरकारी कोष से 1,82,234 रुपये भी खर्च कर दिए गए।
इस मामले की शिकायत जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी (CDO) से की गई थी। जांच में ग्राम विकास अधिकारी को दोषी पाया गया। मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट (प्रयागराज) तक पहुंच गया है। अधिवक्ता पुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि इस प्रकरण में माननीय न्यायालय ने जिलाधिकारी अतुल वत्स को व्यक्तिगत शपथपत्र दाखिल करने के लिए तलब किया है। न्यायालय के कड़े रुख और प्रशासनिक जांच की रिपोर्ट के आधार पर, विभाग ने इसे गंभीर लापरवाही और उच्चाधिकारियों के आदेशों का उल्लंघन मानते हुए मुकेश यादव को निलंबित कर दिया है। प्रशासन की इस कार्रवाई से विकासखंड के अन्य कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।
























