
हाथरस 04 मई । आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों के मुख्य सेविका पद पर चयन हेतु अभिलेखों के सत्यापन और डेटा अपलोडिंग कार्य में घोर लापरवाही बरतने पर विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। शासन की प्राथमिकता वाले इस कार्य में शिथिलता बरतने और उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करने के आरोप में जनपद की 8 बाल विकास परियोजना अधिकारियों (CDPO/प्रभारी) का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोक दिया गया है। जानकारी के अनुसार, निदेशक बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार, लखनऊ द्वारा जनपद की 1476 आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों के दस्तावेज 15 दिनों के भीतर AFMS पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए थे। इस संबंध में स्थानीय कार्यालय द्वारा मार्च और अप्रैल माह में लगातार चार बार अनुस्मारक और अंतिम चेतावनी जारी की गई थी। इसके बावजूद 4 मई तक मात्र 528 (35.77 प्रतिशत) लाभार्थियों का ही डेटा अपलोड हो सका।
गंभीर लापरवाही को देखते हुए हसायन की बाल विकास परियोजना अधिकारी ममता शर्मा, सादाबाद की प्रभारी सोनू आर्य, हाथरस-शहर प्रभारी ओमवती यादव, सासनी प्रभारी स्मृति दुबे, हाथरस-ग्रामीण की सोनी कुमारी, सहपऊ की रेखा शर्मा, मुरसान की स्तुति वर्मा और सिकन्द्राराऊ प्रभारी कल्पना दुबे के विरुद्ध लघु दंड के रूप में वेतन रोकने की कार्रवाई की गई है। विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि अगले 15 कार्यदिवसों में लंबित कार्य पूर्ण नहीं किया गया, तो संबंधित अधिकारियों की सेवा पुस्तिका में प्रतिकूल प्रविष्टि (Adverse Entry) दर्ज की जाएगी। इस आदेश से विभाग में हड़कंप मच गया है।
























