
हाथरस 02 मई । जनपद में एक बैंड संचालक को अनुशासन बनाए रखना उस वक्त भारी पड़ गया, जब नशे की लत के कारण हटाए गए कर्मचारी ने अपने साथियों के साथ मिलकर उन पर हमला बोल दिया। ग्राम रुहेरी में हुई इस वारदात में बैंड संचालक का भतीजा गंभीर रूप से घायल हो गया है। तकनीकी पेचीदगियों और पुलिसिया तालमेल की कमी के कारण पीड़ित परिवार अब न्याय के लिए उच्चाधिकारियों के चक्कर काटने को मजबूर है। ‘जय हिन्द बैंड’ के संचालक राज़ुद्दीन के अनुसार, उन्होंने अपने यहाँ काम करने वाले एक युवक को उसकी नशे की बुरी आदतों के चलते काम से निकाल दिया था। इसी रंजिश को लेकर 28 अप्रैल की रात जब राज़ुद्दीन अपने भतीजे कादिर के साथ ग्राम रुहेरी में एक कार्यक्रम में काम कर रहे थे, तभी आरोपी ने अपने अन्य साथियों ने उन्हें घेर लिया।
नुकीले हथियारों और तमंचे की बट से किया वार
आरोप है कि हमलावरों ने पुरानी रंजिश और काम से निकाले जाने का बदला लेने के लिए राज़ुद्दीन और कादिर पर हमला बोल दिया। हमलावरों ने तमंचे की बट और धारदार हथियारों का इस्तेमाल किया, जिससे कादिर का सिर बुरी तरह फट गया। लहूलुहान हालत में कादिर वहीं गिर पड़ा। शोर मचने पर ग्रामीण इकट्ठा हुए, जिन्हें देख हमलावर जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए।
दो थानों के बीच उलझा मामला
पीड़ित परिवार का कहना है कि वे घटना के वीडियो साक्ष्य और अन्य सबूतों के साथ पुलिस के पास पहुँचे हैं। लेकिन घटना स्थल की सीमा को लेकर मामला हाथरस गेट और सासनी थाने के बीच उलझा हुआ है। इस तकनीकी पेचीदगी के कारण आरोपियों पर अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। राज़ुद्दीन का आरोप है कि नामजद आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और उन पर शिकायत वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। डरे-सहमे पीड़ित परिवार ने अब जिले के उच्चाधिकारियों से सुरक्षा की मांग की है ताकि वे बिना किसी डर के अपना रोजगार दोबारा शुरू कर सकें।

























