सिकंदराराऊ (हसायन) 01 मई । विकासखंड क्षेत्र के ग्राम श्रीनगर में शुक्रवार को कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) हाथरस और भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान (IIFSR) मोदीपुरम, मेरठ के संयुक्त तत्वाधान में एक विशेष किसान जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य टिकाऊ पोषण प्रबंधन और उर्वरकों के संतुलित उपयोग के प्रति किसानों को जागरूक करना था। कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिक डॉ. बलवीर सिंह ने किसानों को आगाह किया कि वे बिना सोचे-समझे अंधाधुंध खाद का प्रयोग न करें। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि केवल मिट्टी की जांच (मृदा परीक्षण) के आधार पर ही उर्वरकों का उपयोग करना चाहिए, ताकि मिट्टी की उर्वरक शक्ति बनी रहे और लागत में कमी आए।
आईआईएफएसआर के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. आशीष कुमार पृष्टि और डॉ. मोहम्मद आरिफ ने बताया कि भविष्य की खेती के लिए रासायनिक और जैविक खादों का समन्वित उपयोग अनिवार्य है। वहीं, डॉ. रंजित ने यूरिया के अत्यधिक प्रयोग से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति सचेत किया और बताया कि सूक्ष्म पोषक तत्वों का संतुलन फसल के बेहतर स्वास्थ्य के लिए कितना आवश्यक है। वैज्ञानिकों ने किसानों को सब्जियों और बागवानी फसलों में प्रबंधन के विशेष तरीके सिखाए, जिससे कम लागत में अधिक पैदावार प्राप्त की जा सके। इस अभियान में संस्थान के विशेषज्ञ श्री शिवम राठी का भी विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी 56 किसानों को उन्नत कृषि प्रणालियों को अपनाने का संकल्प दिलाया गया।

























