
सिकंदराराऊ 27 अप्रैल । हाथरस रोड पर चमरौली गांव के समीप सोमवार सुबह एक हृदयविदारक सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र में तनाव पैदा कर दिया। सुबह करीब 9 बजे एक तेज रफ्तार डंपर ने मोटरसाइकिल सवार तीन लोगों को बेरहमी से रौंद दिया, जिसमें रजापुर निवासी 35 वर्षीय मोनू यादव की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस दुर्घटना में मोनू का 10 वर्षीय बेटा अमोल और 36 वर्षीय साथी गंगासिंह यादव गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे को अंजाम देने के बाद चालक डंपर सहित मौके से फरार होने में सफल रहा।
हादसा उस समय हुआ जब मोनू यादव अपने बेटे और साथी के साथ सिकंदराराऊ से वापस अपने गांव रजापुर लौट रहे थे। चमरौली गांव के पास मंदिर के निकट जैसे ही मोनू ने गंगासिंह को उतारने के लिए बाइक की गति कम की, तभी पीछे से आए अनियंत्रित डंपर ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया, जहां उनकी नाजुक हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर उपचार के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया है।
घटना के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और देखते ही देखते सैकड़ों की संख्या में लोग घटनास्थल पर एकत्रित हो गए। उत्तेजित ग्रामीणों ने मृतक का शव सड़क पर रखकर हाईवे जाम कर दिया। विरोध प्रदर्शन में महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और सड़क पर ही तंबू तानकर धरने पर बैठ गईं। ग्रामीणों की प्रमुख मांग है कि चमरौली-रजापुर मार्ग पर हाईवे के नीचे एक अंडरपास का निर्माण किया जाए ताकि स्कूल जाने वाले बच्चों और मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को आए दिन होने वाले इन हादसों से बचाया जा सके। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वे लंबे समय से इसकी मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन ने अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।
हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। मौके पर सीओ, एसडीएम संजय कुमार और भारी पुलिस बल के साथ-साथ एक कंपनी पीएसी को तैनात किया गया है। अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच घंटों तक तीखी नोकझोंक और वार्ता का दौर चलता रहा। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी, जबकि ग्रामीण अंडरपास निर्माण के लिखित आश्वासन पर अड़े रहे।























