
हाथरस 27 अप्रैल । सिकंदराराऊ तहसील क्षेत्र के हसायन ब्लॉक में ‘ओम स्वयं सहायता समूह’ के खाते से फर्जी हस्ताक्षर कर 1.35 लाख रुपये निकालने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई न किए जाने पर पीड़िता ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) के आदेश पर बैंक शाखा प्रबंधक और मिशन मैनेजर सहित छह लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
साजिश के तहत दो बार में निकाली रकम:
नगला ब्राह्मण (मजरा नगला मिया पट्टी देवरी) निवासी और समूह की सचिव हीरेश कुमारी ने कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनका खाता स्थानीय केनरा बैंक शाखा में संचालित है। आरोप है कि आरोपियों ने साजिश रचकर 26 मई 2025 को 50 हजार रुपये और फिर 6 अगस्त 2025 को 85 हजार रुपये (कुल 1.35 लाख) हीरेश कुमारी के फर्जी और कूटरचित हस्ताक्षर बनाकर खाते से साफ कर दिए। पीड़िता ने सीधे तौर पर शाखा प्रबंधक संजीव भगत, फील्ड मैनेजर गुलाब सिंह, मिशन मैनेजर जय सिंह के साथ-साथ समूह की अध्यक्ष बबली और उसके पति प्रेमचंद्र पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। बता दें कि आरोपी पति-पत्नी उसी बैंक शाखा में बैंक मित्र और बैंक सखी के रूप में कार्यरत हैं। हीरेश कुमारी के अनुसार, उन्होंने इस धोखाधड़ी की शिकायत थाना हसायन, एसपी हाथरस और पोर्टल के माध्यम से उच्चाधिकारियों से की थी। सीओ सिकंदराराऊ की 5 सितंबर 2025 की जांच रिपोर्ट में भी खाते से उक्त तिथियों को पैसे निकलने की पुष्टि हुई थी, लेकिन पुलिस दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय केवल आश्वासन देती रही। पुलिस की कार्यप्रणाली से क्षुब्ध होकर पीड़िता ने न्यायालय की शरण ली, जिसके आदेश के बाद अब पुलिस ने अभियोग पंजीकृत कर कानूनी जांच शुरू कर दी है।






















