
हाथरस 24 अप्रैल । कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जिलाधिकारी अतुल वत्स ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्वास्थ्य सेवाओं और अस्पतालों की व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिए कि अस्पतालों में आने वाले मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिलना सुनिश्चित हो और जनसामान्य के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने जिला अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी और हेल्थ एंड वेलनेस केंद्रों पर पीने के पानी, बैठने की व्यवस्था, प्रकाश और साफ-सफाई के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दवा और पर्चा काउंटरों पर अनावश्यक भीड़ न लगे और मरीजों को लंबी लाइनों में न खड़ा होना पड़े। साथ ही, अस्पतालों में पड़े निष्प्रोज्य (कबाड़) सामान, वाहनों और कंडम भवनों का तत्काल निस्तारण करने के आदेश दिए।
डिप्थीरिया के प्रति विशेष सतर्कता के निर्देश
जनपद में डिप्थीरिया के मामलों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग को विशेष रूप से सक्रिय रहने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि टीकाकरण से एक भी पात्र बच्चा वंचित न रहे। शिक्षा विभाग को स्कूलों में बच्चों की नियमित जांच और डिप्थीरिया के लक्षणों के प्रति जागरूकता फैलाने तथा सीएमओ को प्रभावित क्षेत्रों में विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश दिए। हसायन और मुरसान में टीकाकरण का डेटा पोर्टल पर अपडेट न होने पर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी ने संबंधितों के खिलाफ कार्यवाही के निर्देश दिए। उन्होंने एमओआईसी को निर्देशित किया कि जिन गर्भवती महिलाओं का अंतिम माह चल रहा है, उनकी प्राथमिकता पर जांच कर आवश्यकतानुसार आयरन सुक्रोज की डोज दी जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में निरीक्षण के दौरान निर्देशों का पालन न मिलने पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
इन योजनाओं की हुई समीक्षा
बैठक में ओपीडी-आईपीडी, अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे, जननी सुरक्षा योजना, आयुष्मान कार्ड निर्माण, नियमित टीकाकरण, टीबी उन्मूलन, परिवार नियोजन, और एम्बुलेंस सेवाओं (102 व 108) की प्रगति को बारीकी से परखा गया। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला कार्यक्रम अधिकारी, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी और सभी एमओआईसी उपस्थित रहे।

























