
हाथरस 23 अप्रैल । ओढपुरा निवासी आदेश कुमार ने कोर्ट में दायर प्रार्थना पत्र में बताया कि 20 अक्टूबर 2025 को वह अपनी पत्नी शारदा देवी को दांत दर्द की शिकायत पर साईं डेंटल क्लीनिक ले गए थे। वहां डा. रितिक पाठक ने खुद को बीडीएस डिग्री धारक बताकर इलाज शुरू किया। आदेश कुमार का आरोप है कि दांत की सफाई के दौरान मशीन का पेंच टूटकर पत्नी के दांत में ही फंस गया। उस समय शारदा देवी तीन माह की गर्भवती थीं। घर आने के बाद तेज दर्द होने पर वह दूसरे बीडीएस डाक्टर के पास गए। एक्सरे में दांत की हड्डी में पेंच फंसा मिला और पस पड़ चुका था। दूसरे डाक्टर ने आदेश कुमार को बताया कि पेंच के कारण दांत निकालना जरूरी है। अगर दांत नहीं निकलवाया गया तो कैंसर भी बन सकता है। मजबूरन शारदा देवी का दांत निकलवाना पड़ा। आरोप है कि जब आदेश कुमार शिकायत लेकर डा. रितिक पाठक के पास पहुंचे तो वह आग बबूला हो गए। अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज की और मारपीट पर उतारू हो गए। पीड़ित का कहना है कि डा. रितिक बिना बीडीएस डिग्री के लोगों को गुमराह कर क्लीनिक चला रहे हैं। आदेश कुमार ने कहा कि घटना की तहरीर पहले कोतवाली हाथरस में दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद 29 जनवरी 2025 को रजिस्टर्ड डाक से पुलिस अधीक्षक हाथरस को भी शिकायत भेजी, मगर वहां से भी कोई सुनवाई नहीं हुई। थक-हारकर 4 फरवरी 2026 को उन्हें सीजेएम कोर्ट में अर्जी देनी पड़ी। अब पुलिस ने शिकायत पर अभियोग पंजीकृत कर लिया है।
























