
हाथरस 20 अप्रैल। बहुचर्चित वेद प्रकाश उर्फ सोनू हत्याकांड में पुलिस ने आज एक और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस इस हत्याकांड में शामिल अब तक कुल 11 आरोपीयो को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें से छह को गोली भी लगी थी। जबकि फरार चल रहे 25-25 हजार रुपये के इनामी मुख्य आरोपित कमल और गौरव को कल दिल्ली पुलिस ने अशोक विहार क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया था । दोनों के कब्जे से तमंचे भी बरामद हुए । कमल व गौरव का एनकाउंटर तय माना जा रहा था। शहर में भी इसकी चर्चा थी। इसी डर से पिछले सोमवार से दोनों भाई सरेंडर होने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन पुलिस के पहरे ने ऐसा नहीं होने दिया। रविवार को जानकारी मिली कि शनिवार को दोनों की गिरफ्तार के अशोक विहार थाना क्षेत्र में हुई है। पुलिस ने दोनों को अवैध हथियार में गिरफ्तार कर जेल भेजा है। अब हाथरस पुलिस उन्हें बी-वारंट के जरिए वापस लाने की प्रक्रिया में जुटी है।
पुलिस ने अब इस मामले में कन्हैया पुत्र मुरारी लाल, निवासी दिल्ली वाला चौक, गली द्वारिकाधीश, कोतवाली सदर को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि मामले में और लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है और लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस इस हत्याकांड में शामिल अब तक कुल 11 आरोपीयो को गिरफ्तार कर चुकी है। आपको बतादें शहर के दिल्ली वाला मोहल्ला निवासी वेद प्रकाश उर्फ सोनू की हत्या उसके पड़ोसियों कमल और गौरव ने कथित तौर पर मकान हड़पने की नीयत से कर दी थी। हत्या के बाद शव को सहपऊ क्षेत्र के गंदे नाले में फेंक दिया गया था, जिससे पूरे जिले में सनसनी फैल गई थी। मामले में मृतक की बहन की तहरीर पर पुलिस ने हत्या समेत अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। जांच के दौरान मुख्य आरोपितों के साथ कई अन्य लोगों की संलिप्तता भी सामने आई। इस पर कार्रवाई करते हुए एसपी चिरंजीवी नाथ सिंह ने मुख्य आरोपित कमल और गौरव पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस ने अभियान चलाकर अब तक इस हत्याकांड में शामिल 11 आरोपितों को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया था, जिनमें से छह को गोली भी लगी थी। सभी को जेल भेज दिया गया, लेकिन मुख्य साजिशकर्ता कमल और गौरव लगातार पुलिस को चकमा देते रहे।

आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पांच टीमें गठित की गई थीं और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही थी। उनके घर और आसपास पुलिस का पहरा भी लगाया गया था, साथ ही उनकी एक फैक्ट्री को भी सीज किया गया था। इसके बावजूद दोनों आरोपित पकड़ से बाहर रहे और अंततः दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़ गए। करीब दो महीने से फरार चल रहे कमल और गौरव पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित था और उनकी तलाश में पुलिस की पांच टीमें लगातार दबिश दे रही थीं। आरोपितों के संभावित ठिकानों पर निगरानी रखी जा रही थी और उनके घर के आसपास भी पुलिस का पहरा लगाया गया था, लेकिन इसके बावजूद पुलिस उन्हें पकड़ने में सफल नहीं हो सकी। जब इतनी सख्ती और निगरानी के दावे किए जा रहे थे तो आरोपित आखिरकार दूसरे राज्य में कैसे पहुंच गए।
मुख्य आरोपित अपने दोस्तों के साथ मिलकर दोनों वेदप्रकाश को उठाकर अपनी फैक्टरी पर ले गए। वहां 15 से 20 युवकों ने वेदप्रकाश के साथ मारपीट की तथा यातनाएं दीं, जिसमें उनकी मौत हो गई। सात अप्रैल की सुबह शव सहपऊ क्षेत्र में नाले में मिला था। मृतक की बहन ने कमल व गौरव के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जब जांच शुरू की तो अब तक एक-एक कर 11 की गिरफ्तारी हुई। एसपी चिरंजीवनाथ सिन्हा ने बताया कि जानकारी मिली है कि दोनों की दिल्ली में गिरफ्तारी हुई है। अभी दिल्ली पुलिस की ओर से अधिकारिक सूचना नहीं दी गई है। मामले में सूचना प्राप्त होने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
























