हाथरस २० अप्रैल । अक्षय तृतीया पर्व के पावन अवसर पर दृढ़मति महिला मंडल द्वारा नयागंज स्थित 1008 नेमिनाथ दिगंबर जैन मंदिर के सामने श्रद्धालुओं एवं राहगीरों के लिए गन्ने के रस (इक्षु-रस) का वितरण किया गया। इस सेवा कार्य में महिलाओं एवं पुरुषों ने पूरे दिन सक्रिय रूप से सहभागिता निभाई।
इस अवसर पर बाल पंडित विशाल जैन वेद ने अक्षय तृतीया के ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि जैन धर्म में यह दिन अत्यंत पवित्र माना जाता है। उन्होंने कहा कि इसी दिन प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव ने 13 माह की कठोर तपस्या के बाद हस्तिनापुर में राजा श्रेयांस कुमार के हाथों गन्ने के रस से अपना प्रथम पारणा ग्रहण किया था, जो आहार दान की परंपरा का आरंभ माना जाता है। उन्होंने बताया कि अक्षय तृतीया संयम, तपस्या और दान का प्रतीक है तथा इस दिन किया गया दान अक्षय पुण्य प्रदान करता है। इस अवसर पर मंदिरों में भगवान ऋषभदेव का अभिषेक एवं पूजन किया जाता है और श्रद्धालुओं को गन्ने का रस वितरित किया जाता है। कार्यक्रम में मंजू जैन सोगानी, संतोष जैन, लवी जैन, इला जैन, उषा जैन, सुनीता जैन, नंदिनी जैन, शालिनी जैन, कीर्ति, रूही, प्रीति जैन, मीनाक्षी जैन, ममता जैन, रश्मि जैन, प्रज्ञा जैन, शिल्पी जैन, खुशबू जैन, वंदिता जैन, प्रियंका जैन, चंचल जैन, दीप्ति जैन, जूली जैन, मीनू जैन, मधु जैन, मिथलेश जैन, प्रभा जैन, शकुंतला जैन और कल्पना जैन सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहीं। सभी ने मिलकर इस सेवा कार्य को सफल बनाया और अक्षय तृतीया पर्व को सेवा, श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया।
























