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हाथरस 19 अप्रैल । क्षेत्र की ग्रामीण बैंक (आर्यावर्त बैंक) की कोटा शाखा में ₹4.79 लाख के गबन का एक बड़ा मामला प्रकाश में आया है। विभागीय स्तर पर और पुलिस द्वारा कार्रवाई न होने से क्षुब्ध होकर शाखा प्रबंधक ने अब न्यायालय की शरण ली है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर थाना मुरसान को मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने का आदेश देने की मांग की गई है। शाखा प्रबंधक अंजुल कुमार यादव द्वारा कोर्ट में दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार, यह मामला नवंबर 2022 का है। 4 नवंबर 2022 को फील्ड ऑडिटर द्वारा किए गए नकदी मिलान के दौरान बैंक की तिजोरी में ₹4,79,930 कम पाए गए। विभागीय जांच में पुष्टि हुई कि तत्कालीन कार्यालय सहायक निखिल कुमार (निवासी गौतमबुद्ध नगर) ने 1 नवंबर से 4 नवंबर 2022 के बीच इस राशि को अपने व्यक्तिगत उपयोग के लिए निकाल लिया था।

प्रार्थना पत्र में तत्कालीन सहायक प्रबंधक दिनेश शर्मा (निवासी मथुरा) और सहायक प्रबंधक कामद कुनाल बाजपेई (निवासी रायबरेली) पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शाखा प्रबंधक का कहना है कि ये दोनों प्रथम कुंजी धारक थे, लेकिन नियम विरुद्ध इन्होंने न तो नकदी पंजिकाएं पूर्ण कीं और न ही अपनी उपस्थिति में डबल लॉक तिजोरी बंद कराई। इसी लापरवाही के कारण यह गबन संभव हो सका।

शाखा प्रबंधक ने बताया कि गबन का मामला खुलने के बाद आरोपी निखिल कुमार ने राशि तो जमा कर दी, लेकिन यह एक गंभीर आपराधिक कृत्य है। प्रबंधक का आरोप है कि उन्होंने 15 मार्च 2024 को थाना मुरसान में तहरीर दी थी, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। इसके बाद एसपी हाथरस को भी प्रार्थना पत्र दिया गया और पंजीकृत डाक से आवेदन भेजा गया, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।मजबूर होकर बैंक प्रबंधन ने 13 अगस्त 2025 को सीजेएम कोर्ट में गुहार लगाई है। भारत सरकार, यूपी सरकार और बैंक ऑफ बड़ौदा के इस संयुक्त उपक्रम (ग्रामीण बैंक) में हुए इस फर्जीवाड़े की अगली सुनवाई अब न्यायालय में होगी, जहाँ से पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के आदेश मिलने की उम्मीद है।

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