
सिकंदराराऊ (हसायन) 10 अप्रैल । जनपद की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) कोर्ट ने स्वयं सहायता समूह के खाते से फर्जी तरीके से धनराशि निकालने के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने थाना प्रभारी हसायन को सात दिनों के भीतर सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू करने का आदेश दिया है। यह मामला ‘ओम स्वयं सहायता समूह’ की सचिव हीरेश कुमारी द्वारा प्रस्तुत प्रार्थना पत्र पर सुना गया, जिसमें उन्होंने बैंक मैनेजर, कैशियर, एडीओ और ब्लॉक मिशन मैनेजर सहित कई लोगों पर साजिश रचकर गबन करने का आरोप लगाया है। प्रार्थना पत्र के अनुसार, वादिनी हीरेश कुमारी का आरोप है कि उनके फर्जी व कूटरचित हस्ताक्षरों का उपयोग कर केनरा बैंक शाखा नगला मियाँ पट्टी देवरी से 26 मई 2025 को ₹50,000 और 6 अगस्त 2025 को ₹85,000 की निकासी की गई। मामले की आईजीआरएस पोर्टल पर हुई जांच में यह पुष्टि हुई कि 6 अगस्त को निकाली गई राशि बाद में खाते में जमा कर दी गई थी, लेकिन 26 मई की ₹50,000 की धनराशि वापस नहीं की गई। जांच में यह भी सामने आया कि यह निकासी कैशियर की पावर का उपयोग कर की गई थी।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जय हिंद कुमार सिंह ने मामले के समस्त तथ्यों और पुलिस उपाधीक्षक सिकंदराराऊ की जांच आख्या का अवलोकन करने के बाद इसे प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध माना। कोर्ट ने आदेश दिया कि थाना हसायन पुलिस इस मामले में तत्काल रिपोर्ट दर्ज कर विधिक कार्यवाही सुनिश्चित करे और उसकी प्रति न्यायालय में प्रस्तुत करे। इस आदेश के बाद बैंक कर्मियों और ब्लॉक स्तर के अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। मामले में बैंक मित्र और बैंक सखी की भूमिका को भी संदिग्ध माना जा रहा है।


























