
हाथरस 07 अप्रैल । जनपद के सीबीएसई (CBSE) बोर्ड से मान्यता प्राप्त विद्यालयों में पाठ्यक्रम, पाठ्य-पुस्तकों के मूल्य निर्धारण और अन्य शैक्षणिक व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी अतुल वत्स ने कलेक्ट्रेट सभागार में प्रबंधकों एवं प्रधानाचार्यों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि अभिभावकों का आर्थिक शोषण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
शुल्क वृद्धि और पारदर्शिता पर निर्देश
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि सभी विद्यालय आगामी शैक्षणिक सत्र शुरू होने से 60 दिन पूर्व प्रस्तावित शुल्क को अपनी आधिकारिक वेबसाइट या नोटिस बोर्ड पर सार्वजनिक करें। उन्होंने सत्र 2026-27 के लिए शुल्क वृद्धि की सीमा निर्धारित करते हुए कहा कि विद्यालय नवीनतम उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) एवं 5 प्रतिशत के योग से अधिक शुल्क वृद्धि नहीं कर सकेंगे। पारदर्शिता का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।
यूनिफॉर्म और पाठ्य-पुस्तकों के लिए कड़े नियम
अभिभावकों पर बढ़ते आर्थिक बोझ को कम करने के लिए जिलाधिकारी ने निम्नलिखित निर्देश जारी किए कि विद्यालयों में यूनिफॉर्म को कम से कम 5 वर्ष तक यथावत रखा जाए। अनावश्यक बदलाव प्रतिबंधित रहेंगे। पठन-पाठन में एनसीईआरटी पुस्तकों का उपयोग अनिवार्य होगा। किसी भी छात्र या अभिभावक को पुस्तकें और यूनिफॉर्म किसी विशेष दुकान से खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा। विद्यालय परिसर के भीतर पुस्तकों और यूनिफॉर्म की बिक्री पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगी।
स्कूली वाहनों की सुरक्षा और निगरानी
विद्यार्थियों के सुरक्षित आवागमन को लेकर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने निर्देश दिए कि संचालित स्कूली वाहनों का समस्त डेटाबेस (शपथ पत्र सहित) निगरानी पोर्टल पर 01 अप्रैल 2026 से 15 अप्रैल 2026 के मध्य अनिवार्य रूप से अपलोड किया जाए।
अनियमितता पर होगी कठोर कार्यवाही
जिलाधिकारी अतुल वत्स ने चेतावनी देते हुए कहा कि शासन के निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए। यदि किसी भी विद्यालय में फीस, यूनिफॉर्म या परिवहन संबंधी नियमों में अनियमितता पाई जाती है, तो नियमानुसार कठोर दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।
बैठक में उपस्थिति
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक), जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS), जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA), जिला सूचना अधिकारी सहित जनपद के विभिन्न सीबीएसई विद्यालयों के प्रबंधक एवं प्रधानाचार्य मुख्य रूप से उपस्थित रहे।





















