
हाथरस 23 मार्च । जिले में शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत निजी स्कूलों की आरक्षित सीटों पर मुफ्त दाखिले की प्रक्रिया चुनौतियों से घिरी नजर आ रही है। दो चरण पूरे होने के बाद भी जिले की कुल 3,897 सीटों में से लगभग 1,500 सीटें रिक्त पड़ी हैं। आंकड़ों से स्पष्ट है कि अभिभावकों की पहली पसंद केवल शहर के प्रतिष्ठित अंग्रेजी माध्यम (कॉन्वेंट) स्कूल हैं, जबकि ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों के हिंदी माध्यम स्कूलों में कोई रुचि नहीं दिखा रहा है।
प्रतिष्ठित स्कूल ‘हाउसफुल’, अन्य में दाखिले को लाले
प्रथम और द्वितीय चरण की लॉटरी प्रक्रिया के दौरान शहर के सभी बड़े और नामचीन अंग्रेजी माध्यम स्कूलों की सीटें फुल हो चुकी हैं। अब तीसरे चरण के लिए इन स्कूलों में एक भी सीट उपलब्ध नहीं है। विभागीय जानकारों का मानना है कि जब अभिभावकों को मनपसंद कॉन्वेंट स्कूल नहीं मिलता, तो वे इस योजना के तहत अन्य स्कूलों में प्रवेश दिलाने में दिलचस्पी नहीं दिखाते। यही कारण है कि तीसरे चरण के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 25 मार्च नजदीक होने के बावजूद अब तक केवल 155 नए आवेदन ही प्राप्त हुए हैं।
दो चरणों का लेखा-जोखा : एक नजर में
| विवरण | प्रथम चरण | द्वितीय चरण |
| कुल प्राप्त आवेदन | 7,074 | 597 |
| सत्यापित/पात्र आवेदन | 6,916 | 588 |
| निरस्त आवेदन | 158 | 09 |
| लॉटरी में चयनित छात्र | 1,980 | 417 |
| अचयनित छात्र | 4,936 | 171 |
घर-घर जाकर जागरूक करेंगे शिक्षक
तीसरे चरण में आवेदनों की बेहद कम संख्या को देखते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) स्वाति भारती ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर निर्देशित किया है कि रिक्त सीटों को भरने के लिए सघन अभियान चलाया जाए। प्रधानाध्यापकों और शिक्षा मित्रों को घर-घर जाकर पात्र परिवारों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारी से अनुरोध किया गया है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी पात्र बच्चों के फॉर्म भरवाने में मदद करें।
25 मार्च है अंतिम अवसर
तीसरे चरण के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया अंतिम दौर में है। विभाग ने अपील की है कि जो अभिभावक अपने बच्चों को निजी स्कूलों में मुफ्त शिक्षा दिलाना चाहते हैं, वे समय रहते आवेदन पूर्ण कर लें। ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में सीटें पर्याप्त संख्या में उपलब्ध हैं।


























