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हाथरस 20 मार्च । मानव अधिकारों के संरक्षण और संवर्धन के लिए कार्यरत संस्था ‘एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक ह्यूमन राइट्स’ (ADHR) ने एक बार फिर मानवता की सेवा पेश की है। संस्था ने पुलिस द्वारा लावारिस घोषित किए गए दो अज्ञात व्यक्तियों के शवों का पूरे विधि-विधान और हिंदू रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार किया।

दुर्घटना और संदिग्ध परिस्थितियों में मिले थे शव

पहला मामला सिकंदराराऊ कोतवाली क्षेत्र का है, जहाँ कासगंज रोड स्थित पंत चौराहे के पास एक 35 वर्षीय युवक का शव मिला था। मृतक के पैर कुचले हुए थे, जिससे प्रथम दृष्टया मामला सड़क दुर्घटना का प्रतीत हो रहा था। वहीं दूसरा शव हाथरस सिटी जीआरपी क्षेत्र में रेलवे स्टेशन हाथरस रोड के किनारे मिला। लगभग 45-50 वर्षीय एक साधु का यह शव जली हुई अवस्था में बरामद हुआ था।

72 घंटे बाद घोषित हुए लावारिस

पुलिस प्रशासन ने नियमानुसार दोनों शवों को शिनाख्त के लिए 72 घंटों तक मोर्चरी में रखा। पहचान न हो पाने के कारण पोस्टमार्टम के उपरांत पुलिस ने समाजसेवियों से अंतिम संस्कार के लिए संपर्क किया। एडीएचआर के राष्ट्रीय महासचिव प्रवीन वार्ष्णेय और समाजसेवी सुनीत आर्य के नेतृत्व में दोनों शवों को ससम्मान श्मशान घाट ले जाया गया।

इनका रहा विशेष सहयोग

इस पुनीत कार्य में एडीएचआर उपाध्यक्ष हर्ष मित्तल और एनएसएस अध्यक्ष सुनील अग्रवाल का विशेष सहयोग रहा। अंतिम संस्कार के समय प्रवीन वार्ष्णेय, सुनीत आर्या, सुनील अग्रवाल, आयोग दीपक, बंटी भाई (कपड़े वाले), तरुण राघव, नीरज गोयल, दीपांशु वार्ष्णेय, टेकपाल कुशवाहा, यश वार्ष्णेय, विशाल सौनी और आलोक अग्रवाल मौजूद रहे। पुलिस विभाग की ओर से कांस्टेबल इकबाल खान, संदीप चौधरी, मुनेश कुमार और होमगार्ड उमेश यादव ने प्रक्रिया पूर्ण कराई।

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