
सादाबाद 05 मार्च । बिसावर में होली के अवसर पर धहनावर परंपरा का आयोजन किया गया। इस दौरान ढोल-ढप की गूंज और रसिया गायन के साथ जमकर रंगों की बारिश हुई, जिससे पूरे गांव में उत्सव का माहौल बन गया। ग्रामीणों के अनुसार, होलिका दहन के बाद धुलेंडी के दिन गांव के पुरुषों की टोली एकजुट होकर धहनावर निकालती है। यह परिक्रमा माता रानी के मंदिरों से शुरू होकर पूरे गांव का भ्रमण करती है। परिक्रमा के दौरान एक बड़े ढप पर छोटे-छोटे डंडों से प्रहार कर विशेष लयबद्ध ध्वनि निकाली जाती है। साथ ही, रसिया गायन का आयोजन होता है, जो माहौल को और अधिक रंगीन बना देता है। यह परंपरा अंग्रेजों के जमाने से चली आ रही है, जिसे ग्रामीण आज भी पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ निभा रहे हैं। प्राचीन काल में इसे ‘ढह धहनावर’ कहा जाता था, जो समय के साथ ‘धहनावर’ के नाम से प्रसिद्ध हो गई और अब यह बिसावर गांव की पहचान बन चुकी है। परिक्रमा के दौरान जगह-जगह ग्रामीणों द्वारा फूलों की वर्षा कर धहनावर का स्वागत किया गया। रंग और गुलाल उड़ाते हुए लोग झूमते-गाते आगे बढ़ते रहे। बुजुर्गों का कहना है कि यह आयोजन कई पीढ़ियों से निरंतर होता आ रहा है और नई पीढ़ी भी इसे पूरे उत्साह से आगे बढ़ा रही है। इस अवसर पर भाजपा नेता जगवेंद्र चौधरी, रज्जो सोनी, हरिकेश चौधरी, योगेंद्र सिंह, रामबाबू पहलवान, सचिन पहलवान, कालू सिंह, भूरी सिंह, विष्णु चौधरी, गुड्डा चौधरी, नीरज, शिवम चौधरी, दिव्यांश चौधरी, अरविंद कुमार, गोला, महेश, सुखवीर सहित अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।






































