
हाथरस 26 फरवरी । सरस्वती महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की प्रथम एवं द्वितीय इकाई द्वारा उच्च प्राथमिक विद्यालय कलवारी में आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर के छठे दिन विभिन्न प्रेरणादायक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। शिविर के दौरान विषय विशेषज्ञों ने स्वयंसेवकों को स्वास्थ्य, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व का पाठ पढ़ाया।
आयुर्वेद और योग से जीवन संतुलन
शिविर के मुख्य वक्ता राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. वीरेंद्र सिंह ने आयुर्वेद की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए इसे जीवन जीने की पद्धति बताया। वहीं, योगाचार्य संदीप ने नियमित योगाभ्यास के माध्यम से शारीरिक और मानसिक संतुलन बनाए रखने के गुर सिखाए। उन्होंने बताया कि छात्र जीवन में एकाग्रता बढ़ाने के लिए योग अत्यंत आवश्यक है।
नैतिक मूल्य और यातायात सुरक्षा
विद्यार्थी परिषद के सर्वेश शर्मा ने विद्यार्थी जीवन में अनुशासन और नैतिक मूल्यों को राष्ट्रनिष्ठा का आधार बताया। इसी क्रम में ट्रैफिक पुलिस विभाग से आए मुकेश चौधरी ने स्वयंसेवकों को यातायात के नियमों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करना एक सजग नागरिक की पहचान है।
एनएसएस के उद्देश्यों पर चर्चा
कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रीय सेवा योजना के सामूहिक गान से हुआ। कार्यक्रम अधिकारी डॉ. फौजी सिद्दीकी व डॉ. राज कुमार ने स्वागत उद्बोधन देते हुए एनएसएस के उद्देश्यों और ‘स्वयं से पहले आप’ (Not Me But You) की भावना पर प्रकाश डाला। शिविर के दौरान दीक्षा वार्ष्णेय, गुंजन, प्रगति प्रकाश, ज्योति चौधरी, प्राची, तनु, विष्णु, सूर्यांश, और अभिषेक सहित कई छात्र-छात्राओं ने विभिन्न विषयों पर वक्ताओं से संवाद किया और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया।
आभार और उपस्थिति
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. मृदुल दीक्षित ने मुख्य वक्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए छात्र-छात्राओं को शिविर से प्राप्त ज्ञान को समाज में प्रसारित करने हेतु प्रेरित किया। इस अवसर पर उच्च प्राथमिक विद्यालय कलवारी की हेड श्रीमती चित्रा, डॉ. राकेश बाबू, डॉ. आनंद चक्रवर्ती, आशीष अग्रवाल, पवन कुमार, पवन पंडित सहित भारी संख्या में स्वयंसेवक उपस्थित रहे।















