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मथुरा 26 फरवरी । केडी डेंटल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल मथुरा के ओरल पैथोलॉजी विभाग द्वारा इंडियन एसोसिएशन ऑफ ओरल एण्ड मैक्सिलोफेशियल पैथोलॉजिस्ट के सहयोग से भारत के पहले पोस्ट ग्रेजुएट ओरल पैथोलॉजिस्ट शिक्षक डॉ. हरनाथ मनीशंकर ढोलकिया की स्मृति में सातवां राष्ट्रीय ओरल पैथोलॉजिस्ट दिवस मनाया गया। इस अवसर पर अतिथि वक्ता केडी मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर के मनोचिकित्सा विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर (डॉ.) श्वेता चौहान ने भावी चिकित्सकों को दंत चिकित्सा में तम्बाकू की लत, उसके प्रभाव और प्रबंधन पर विस्तार से जानकारी दी। अतिथि व्याख्यान से पहले केडी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मनेष लाहौरी, के.डी. डेंटल कॉलेज की प्राचार्या डॉ. नवप्रीत कौर तथा सभी विभागाध्यक्षों ने डॉ. एच.एम. ढोलकिया के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर उनके कृतित्व और व्यक्तित्व को याद किया। राष्ट्रीय ओरल पैथोलॉजिस्ट दिवस पर ओरल पैथोलॉजी विभाग द्वारा कई तरह के ज्ञानवर्धक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विभाग द्वारा एक ज्ञानवर्धक सीडीई अतिथि व्याख्यान आयोजित हुआ। प्राचार्या डॉ. नवप्रीत कौर ने अपने सम्बोधन में मौखिक रोगों के निदान में ओरल पैथोलॉजिस्ट की महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला।

अतिथि वक्ता प्रो. (डॉ.) श्वेता चौहान ने दंत चिकित्सा में तम्बाकू की लत, उसके प्रभाव और प्रबंधन पर बात की। उन्होंने कहा कि आज देश की अधिकांश आबादी तम्बाकू की खराब लत का शिकार है, यही वजह है कि मौखिक रोग दिनोंदिन बढ़ते जा रहे हैं। डॉ. श्वेता चौहान ने भावी दंत चिकित्सकों को इससे निपटने के उपायों पर बल दिया। उन्होंने दंत चिकित्सा में आने वाले रोगियों में तम्बाकू की लत छुड़ाने के लिए व्यवहार प्रबंधन और औषधीय प्रबंधन के तरीकों की भी व्याख्या की। विभागाध्यक्ष डॉ. उमेश ने डॉ. एच.एम. ढोलकिया के कृतित्व को याद किया। उन्होंने दंत चिकित्सकों से दंत रोगियों को तम्बाकू छोड़ने की सलाह देने के महत्व पर बल दिया ताकि मौखिक पूर्व-कैंसर, मौखिक कैंसर और अन्य प्रणालीगत रोगों की रोकथाम की जा सके। डॉ. रामबल्लभ ने स्वागत भाषण के बाद दंत चिकित्सा में तम्बाकू छोड़ने के प्रोटोकॉल के महत्व का उल्लेख किया।

इस अवसर पर स्नातक छात्र-छात्राओं के लिए विभिन्न पथआर्ट प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। स्नातक छात्र-छात्राओं ने मौखिक रोग विज्ञान के विषय से संबंधित पोस्टर, रंगोली और रील जैसी विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से अपनी बौद्धिकता दिखाई। अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। इस अवसर पर सभी विभागाध्यक्ष, संकाय सदस्य और प्रशासनिक अधिकारी नीरज छापरिया आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अंकिता पटनायक ने किया। अंत में विभागाध्यक्ष डॉ. उमेश ने अतिथियों का आभार माना।

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