सिकंदराराऊ (हसायन) 24 फरवरी । विकासखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत धुबई के माजरा गांव शीतलवाडा में मूलभूत सुविधाओं का अभाव ग्रामीणों के लिए मुसीबत बन गया है। गांव के मुख्य मार्ग पर कई वर्षों से जमा गंदा पानी और गंदगी के अंबार को लेकर मंगलवार को ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने एकत्रित होकर शासन-प्रशासन के विरुद्ध जोरदार प्रदर्शन किया और जल्द समाधान न होने पर दोबारा बड़े आंदोलन की चेतावनी दी।
अधिकारियों के आश्वासन की उड़ी धज्जियां
ग्रामीणों ने बताया कि कुछ समय पूर्व इसी समस्या को लेकर गांव में अनिश्चितकालीन धरना दिया गया था। उस समय ब्लॉक और जिला स्तरीय अधिकारियों ने मौके पर पहुँचकर सड़क निर्माण और जल निकासी का पुख्ता आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया था। लेकिन हकीकत यह है कि वर्षों बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें दिन के उजाले में भी घुटनों तक भरे दूषित पानी से होकर गुजरना पड़ता है।
स्कूली बच्चों और बुजुर्गों की बढ़ी मुश्किलें
सड़क पर भरे इस गंदे पानी के कारण स्कूल जाने वाले बच्चों की यूनिफॉर्म खराब हो जाती है, तो वहीं बुजुर्ग और राहगीर आए दिन इस कीचड़ में गिरकर चोटिल हो रहे हैं। उमस भरी गर्मी की शुरुआत के साथ ही ठहरे हुए पानी में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे गांव में संक्रामक बीमारियाँ फैलने का खतरा पैदा हो गया है। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान और विभागीय अधिकारियों पर अनदेखी का गंभीर आरोप लगाया है।
बीडीओ का पक्ष: जल्द बनेगी नई सड़क
इस संबंध में खंड विकास अधिकारी (BDO) अनुज मिश्रा ने बताया कि सड़क मार्ग पर बनी नाली ऊंची होने के कारण पानी की निकासी बाधित है। उन्होंने आश्वासन दिया कि समस्या के समाधान हेतु एस्टीमेट (Estimate) बनाकर कार्ययोजना तैयार की जा रही है। बजट स्वीकृत होते ही सड़क को ऊंचा बनवाकर जलभराव की समस्या को स्थायी रूप से खत्म कर दिया जाएगा।












