
अलीगढ़ 24 फरवरी । मंगलायतन विश्वविद्यालय परिसर में मंगलवार को बहुप्रतीक्षित अकादमिक वार्षिकोत्सव ‘दक्ष 2026’ का भव्य शुभारंभ हर्षोल्लास और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। मां सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ हुआ। सरस्वती वंदना, राष्ट्रगान तथा दक्ष गीत की प्रस्तुति ने पूरे प्रांगण को उत्साह से सराबोर कर दिया। इस अवसर पर कुलपति, कुलसचिव एवं डीन अकादमिक का विधिवत अभिनंदन किया गया। अतिथियों का स्वागत डा. पूनम रानी एवं प्रो. दीपशिखा सक्सेना ने किया। उद्घाटन सत्र के पश्चात विभिन्न साहित्यिक एवं अकादमिक प्रतियोगिताओं की शुरुआत हुई, जिनमें बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरे परिसर में उत्सव का माहौल देखने को मिल रहा है।
कुलपति प्रो. पीके दशोरा ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि दक्ष जैसे आयोजन युवा शक्ति को अपनी क्षमताओं को पहचानने, संवारने और नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का सशक्त मंच प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि दक्ष का शुभारंभ इस उद्देश्य से किया गया है कि जिन विद्यार्थियों ने अपनी प्रविष्टि कराई है, वे अपनी प्रतिभा और दक्षता का श्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मंच केवल कौशल प्रदर्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को अपनी क्षमताओं में निरंतर उन्नयन लाने के लिए प्रेरित करता है। प्रतिवर्ष कार्यक्रमों में नवीनता और गुणवत्ता का समावेश किया जा रहा है, विद्यार्थियों की भागीदारी में निरंतर वृद्धि देखने को मिलती है। कुलपति ने विद्यार्थियों से उत्साह, अनुशासन और सकारात्मक प्रतिस्पर्धा की भावना के साथ सक्रिय सहभागिता करने का आह्वान किया।
कुलसचिव ब्रिगेडियर डा. समरवीर सिंह ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास से जुड़ा होता है। कक्षा में प्राप्त सैद्धांतिक ज्ञान तभी सार्थक बनता है, जब उसे व्यवहारिक गतिविधियों और रचनात्मक मंचों के माध्यम से अभिव्यक्ति का अवसर मिलता है। इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करते हैं और उन्हें एक जिम्मेदार, सक्षम तथा जागरूक नागरिक बनने की दिशा में अग्रसर करते हैं।
सर्वप्रथम डीन अकादमिक प्रो. अम्बरीश शर्मा द्वारा दक्ष उत्सव के उद्देश्य एवं महत्व पर प्रकाश डाला गया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन विद्यार्थियों की रचनात्मकता, नेतृत्व क्षमता और बहुआयामी प्रतिभा को मंच प्रदान करने का सशक्त माध्यम है। दक्ष जैसे आयोजन विद्यार्थियों को अपनी छिपी हुई प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें निखारने का अवसर प्रदान करते हैं। इसके साथ ही परीक्षा नियंत्रक प्रो. दिनेश शर्मा, डीन रिसर्च प्रो. रविकांत, डीन एफएच प्रो. राजीव शर्मा, वित्त अधिकारी मनोज गुप्ता, प्राशासनिक अधिकारी गोपाल राजपूत आदि ने शुभकामनाएं प्रेषित की। संचालन एंजेला फातिमा ने किया। एमयूएससी के अध्यक्ष अनन्य वार्ष्णेय के धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।















