सिकंदराराऊ 21 फरवरी । सिकंदराराऊ स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में बना ट्रामा सेंटर, जो पिछले एक दशक से केवल एक ‘शोपीस’ बना हुआ था, अब अंततः घायलों के लिए जीवन रक्षक साबित होने लगा है। वर्ष 2016 में लगभग 1.70 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुए इस केंद्र में विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती के बाद अब बड़े ऑपरेशन सफलतापूर्वक शुरू हो गए हैं। गुरुवार और शुक्रवार को चिकित्सकों की टीम ने यहाँ कुल 8 सर्जरी कीं, जिससे न केवल अस्पताल प्रबंधन बल्कि क्षेत्र की जनता में भी उत्साह की लहर है। इन ऑपरेशनों में सबसे चुनौतीपूर्ण वह सर्जरी रही जो करीब तीन घंटे तक चली, जिसमें एक मरीज के पैर में पहले से डली रॉड को सफलतापूर्वक निकाला गया। इस जटिल प्रक्रिया को यहाँ की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। सफल उपचार के बाद मरीजों और उनके परिजनों ने चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर आर.के. वर्मा एवं उनकी टीम का आभार व्यक्त किया। गौरतलब है कि इस केंद्र को चालू कराने के लिए किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने कई बार धरना दिया और पिछले एक माह से पूर्व एमएलसी डॉ राकेश सिंह राना द्वारा चलाए गए हस्ताक्षर अभियान ने भी प्रशासन पर दबाव बनाया था। जिलाधिकारी (DM Hathras) अतुल वत्स (Atul Vats IAS) ने संज्ञान लेकर ट्रामा सेंटर को तत्काल चालू कराया।
ट्रामा सेंटर के पूर्ण रूप से सक्रिय होने का सबसे बड़ा लाभ सड़क दुर्घटनाओं में घायल होने वाले लोगों को मिलेगा। वर्ष 2025 के आंकड़ों पर गौर करें तो क्षेत्र में लगभग 500 दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें से 300 घायलों ने उचित उपचार न मिलने और हायर सेंटर रेफर किए जाने के दौरान रास्ते में ही दम तोड़ दिया था। अब तक हड्डी की चोट वाले मरीजों को अलीगढ़ या आगरा रेफर कर दिया जाता था, जिससे कीमती समय बर्बाद होता था। अब स्थानीय स्तर पर सर्जरी की सुविधा मिलने से मृत्यु दर (डेथ रेशियो) में भारी कमी आने की उम्मीद है।













