
लखनऊ 21 फरवरी । उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश के लाखों शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों (इंस्ट्रक्टर) के लिए खुशियों का पिटारा खोल दिया है। विधानसभा में बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षा मित्रों का मानदेय बढ़ाकर ₹18,000 और अनुदेशकों का ₹17,000 प्रति माह करने का बड़ा ऐलान किया। मुख्यमंत्री ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि पूर्व की समाजवादी पार्टी की सरकार में शिक्षा मित्रों को मात्र ₹3,000 मिलते थे, जिसे उनकी सरकार ने 2017 में बढ़ाकर ₹10,000 किया था। अब बढ़ती महंगाई और कर्मियों के हितों को देखते हुए इसमें ₹8,000 की और वृद्धि की गई है, जिससे उनके मानदेय में सीधे 80% का इजाफा हुआ है। इसके साथ ही सरकार ने सभी शिक्षकों के लिए ₹5 लाख तक के कैशलेस मेडिकल ट्रीटमेंट की सुविधा देने की भी घोषणा की है।
राज्य सरकार के इस फैसले से प्रदेश के लगभग 1.42 लाख शिक्षा मित्रों और 28,000 से अधिक अनुदेशकों को बड़ी राहत मिली है। मानदेय वृद्धि के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने शिक्षा मित्रों के ट्रांसफर की समस्या का समाधान करते हुए उनके स्थानांतरण को भी मंजूरी दे दी है। गौरतलब है कि 2017 के बाद पहली बार शिक्षा मित्रों के मानदेय में इतनी बड़ी वृद्धि की गई है। मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में अपनी उपलब्धियां गिनाते हुए यह भी बताया कि प्रदेश के विश्वविद्यालयों ने 5,000 से अधिक पेटेंट फाइल किए हैं, जिनमें से 300 को मंजूरी मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले राज्य के छह मंडलों में एक भी विश्वविद्यालय नहीं था, लेकिन आज मां शाकुंभरी यूनिवर्सिटी समेत कई नए राज्य विश्वविद्यालय बन रहे हैं और निजी व विदेशी विश्वविद्यालयों को भी निवेश के लिए आमंत्रित किया जा रहा है।
प्रमुख घोषणाएं एक नजर में
| पद | पुराना मानदेय | नया मानदेय | वृद्धि |
| शिक्षा मित्र | ₹10,000 | ₹18,000 | ₹8,000 |
| अनुदेशक | ₹9,000 (लगभग) | ₹17,000 | ₹8,000 |
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चिकित्सा सुविधा : ₹5 लाख का कैशलेस मेडिकल कवर।
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तबादला : शिक्षा मित्रों के स्थानांतरण (Transfer) की सुविधा शुरू होगी।
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पेटेंट : यूपी के विश्वविद्यालयों ने 5,000 पेटेंट फाइल कर नया कीर्तिमान बनाया।













