
अलीगढ़ 19 फरवरी । मंगलायतन विश्वविद्यालय के सिविल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा ‘आरसी बीम इन फ्लेक्सर के संरचनात्मक सुदृढ़ीकरण’ विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम एएमयू के साथ हुए एमओयू के तहत हुआ। जिसमें यांत्रिक इंजीनियरिंग विभाग का विशेष सहयोग रहा। सिविल इंजीनियरिंग के डायरेक्टर प्रो. महेश कुमार ने स्वागत भाषण देते हुए अतिथि परिचय कराया। व्याख्यान में मुख्य वक्ता के रूप में एएमयू के विशेषज्ञ डा. मोहम्मद अर्सलान खान ने भविष्य की निर्माण चुनौतियों और पुरानी संरचनाओं को मजबूती प्रदान करने की आधुनिक तकनीकों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि समय के साथ कंक्रीट की संरचनाओं में आने वाली कमजोरी को दूर करने के लिए ‘फ्लेक्सर स्ट्रेंथनिंग’ क्यों आवश्यक है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मानकों और आधुनिक शोधों का हवाला देते हुए छात्रों को उन नवीन विधियों के बारे में बताया, जिनसे आरसी बीम की भार वहन क्षमता को बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने जोर दिया कि सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए मौजूदा ढांचों की मरम्मत और उनका सुदृढ़ीकरण सिविल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कौशल है। कार्यक्रम के दौरान संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के तहत व विश्वविद्यालय के आईक्यूएसी प्रकोष्ठ की देखरेख में आयोजित इस सत्र का उद्देश्य छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान के साथ वैश्विक मानकों से रूबरू कराना था। इस अवसर पर डीन एकेडमिक प्रो. अम्बरीष शर्मा, डायरेक्टर ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल प्रो. किशनपाल सिंह, श्वेता भारद्वाज, डा. मो. सलमान रईस, विष्णु कुमार, गौरव सिंह, विवेक कुमार, मनु सोनिक आदि मौजूद रहे। संचालन राजकिरन सिंह ने किया।

















