
अलीगढ़ 18 फरवरी । मंगलायतन विश्वविद्यालय में स्टडी सर्किल क्लब द्वारा “मैंने पढ़ना क्यों शुरू किया और मैं क्यों पढ़ना शुरू करूं?” विषय पर एक प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। डिजिटल युग में विद्यार्थियों को पुस्तकों की ओर पुनः प्रेरित करने तथा नियमित पठन-पाठन की संस्कृति को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम संपन्न हुआ। संयोजक डा. दीपिका बांदिल ने कहा कि पुस्तकें मनुष्य की सबसे सच्ची मित्र होती हैं और प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट का अध्ययन व्यक्ति के चरित्र निर्माण, आत्मविश्वास और विचारों की गहराई को विकसित करता है। समन्वयक डा. अरबाब हुसैन ने कहा कि किताबें केवल कागज नहीं, बल्कि सोच का समंदर होती हैं, जो जीवन की दिशा बदल सकती हैं। समन्वयक प्रियांशी गोयल ने विद्यार्थियों को अध्ययन को अपनी दिनचर्या का अनिवार्य हिस्सा बनाने का आह्वान किया। वहीं विद्यार्थियों में अभिषेक राणा, मुकेश कौशल, शिवम शर्मा, मानसी, पल्लवी, जाह्नवी, राकिब खान आदि ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि पुस्तकें हमें स्वयं को समझने का अवसर देती हैं। संचालन काकुल वार्ष्णेय व शिवम सिंह ने किया।

















