
हाथरस 14 फरवरी । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘लखपति दीदी’ का लक्ष्य बढ़ाकर छह करोड़ करने की घोषणा के बाद अलीगढ़ मंडल में लगभग 50 हजार और महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। इस योजना के तहत महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर प्रतिवर्ष एक लाख रुपये से अधिक आय अर्जित कर सकेंगी। मंडल के चारों जिले अलीगढ़, हाथरस, एटा और कासगंज में स्वयं सहायता समूह सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं और योजना का सकारात्मक प्रभाव पहले से दिखाई दे रहा है। 13 फरवरी को प्रधानमंत्री द्वारा नए कार्यालय से की गई घोषणा को अधिकारियों ने प्रदेश, विशेषकर अलीगढ़ मंडल के लिए महत्वपूर्ण निर्णय बताया है। उनका मानना है कि इस फैसले के बाद चारों जिलों में लगभग 50 हजार अतिरिक्त महिलाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, मंडल में अब तक 52,773 से अधिक महिलाएं लगभग 17 हजार स्वयं सहायता समूहों से जुड़ चुकी हैं। इनमें से कई महिलाएं सफल उद्यमी के रूप में उभरी हैं। ये समूह चुनरी (मूर्तियों के लिए वस्त्र), अगरबत्ती सहित विभिन्न उत्पादों का निर्माण कर रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार लगभग 37 प्रतिशत सदस्यों ने समूह से जुड़ने के बाद नई आर्थिक गतिविधियां प्रारंभ की हैं या अपनी मौजूदा गतिविधियों का विस्तार किया है, जबकि 59 प्रतिशत सदस्य कृषि आधारित व्यवसायों पर केंद्रित हैं। इन स्वयं सहायता समूहों में सामान्यतः 10 से 20 स्थानीय महिलाएं शामिल होती हैं, जो पंचसूत्र नियमित बैठक, बचत, आंतरिक ऋण, समय पर पुनर्भुगतान और लेखा-जोखा का पालन करते हुए सामूहिक रूप से आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में कार्य कर रही हैं।















