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मथुरा 11 फरवरी । जी.एल. बजाज ग्रुप आफ इंस्टीट्यूशंस मथुरा के बी.टेक (सीएसई) अंतिम वर्ष के छात्र शिवा गौतम ने बीएसए डिग्री कॉलेज में हुए ऑल इंडिया ओपन रैपिड शतरंज टूर्नामेंट में न केवल अपनी बादशाहत सिद्ध की बल्कि चमचमाती ट्रॉफी और एक लाख एक सौ 11 रुपये का नगद पारितोषिक भी जीत लिया। प्रतियोगिता के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि कुशाग्र सिंह ने शिवा गौतम को कैश प्राइज, मेडल और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। संस्थान के स्पोर्ट्स आफीसर लोकेश शर्मा ने बताया कि हाल ही में जिला क्रीड़ा भारती, चौधरी चेस क्लब और मथुरा स्पोर्ट्स स्कूल के संयुक्त तत्वावधान में बीएसए कॉलेज मथुरा में प्रथम मेधा मंथन चैलेंजर कप ऑल इंडिया ओपन रैपिड शतरंज टूर्नामेंट का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विभिन्न राज्यों से आए 300 से अधिक खिलाड़ियों ने अपनी-अपनी शातिर चालों से शतरंज प्रेमियों का मनोरंजन किया। दो दिवसीय विभिन्न आयु वर्ग की शह और मात की शतरंज प्रतियोगिता में कुल 10.11 लाख रुपये की पुरस्कार राशि दांव पर थी। स्पोर्ट्स आफीसर श्री शर्मा ने बताया कि शिवा गौतम ने 1700 से कम रेटिंग वाली शतरंज चैम्पियनशिप में अपने सब्र और समझ का नायाब उदाहरण पेश करते हुए 8 में से 7.5 अंक हासिल कर विजेता होने का गौरव हासिल किया। जीत के बाद शिवा ने कहा कि मैं बहुत खुश हूं क्योंकि मैं ट्रॉफी हर हाल में जीतना चाहता था। मेरे लिए यह खिताबी जीत और ट्रॉफी काफी मायने रखती है। यह ट्रॉफी मेरे जीवन में किसी भी चीज से बढ़कर है। मेरे लिए यह सफर किसी सपने से कम नहीं रहा। इसमें कई उतार-चढ़ाव, कई चुनौतियां, कई खूबसूरत पल और कई असफलताएं आईं, लेकिन मैं जीत का सपना पूरा कर सका। शिवा ने कहा कि मैं लोकेश सर का भी आभारी हूं जिन्होंमे खेल से पहले और बाद में मेरा हौसला बढ़ाया, मेरे लिए जीत की दुआ की। मैं जीएल बजाज संस्थान का भी आभारी हूं कि मुझे ऑल इंडिया ओपन रैपिड शतरंज टूर्नामेंट में सहभागिता का सुअवसर मिला।

शिवा गौतम की इस शानदार सफलता पर संस्थान की निदेशक प्रो. नीता अवस्थी, रजिस्ट्रार विपिन धीमान तथा अन्य प्राध्यापकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक जीत नहीं बल्कि अन्य छात्र-छात्राओं के लिए प्रेरणा है। प्रो. नीता अवस्थी ने कहा कि शिवा ने यह सफलता अपने दृढ़ निश्चय, कड़ी मेहनत, अनुशासन और हार न मानने वाले जज्बे से हासिल की है। हर दिन खुद को चुनौती देना, ऊंची सोच रखना और लक्ष्य हासिल होने तक न रुकना, यही विजेता खिलाड़ी की पहचान है। उन्होंने कहा कि चैम्पियन वे होते हैं जो हार के बाद भी संभलकर वापसी करते हैं। प्रो. अवस्थी ने कहा कि जीएल बजाज संस्थान प्रत्येक विद्यार्थी के सम्पूर्ण व्यक्तित्व विकास को प्रतिबद्ध है।

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