
अलीगढ़ 10 फरवरी । मंगलायतन विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन एंड रिसर्च द्वारा “वर्कप्लेस कल्चर सेंसिटिविटी एंड बिल्डिंग प्रोफेशनल आइडेंटिटी” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों को कार्यस्थल पर सकारात्मक संस्कृति, नैतिक व्यवहार तथा पेशेवर पहचान के महत्व से अवगत कराना था।
कार्यशाला का शुभारंभ विशेषज्ञों के साथ डीन आईबीएमसी/एफएच प्रो. राजीव शर्मा, डीन रिसर्च प्रो. रविकांत, विभागाध्यक्ष प्रो. दीपशिखा सक्सेना ने दीप प्रज्वलन करके किया। इसके पश्चात विशेषज्ञों का स्वागत किया गया। कार्यक्रम की रूपरेखा एवं उद्देश्य पर संयोजक डा. प्रीति पंकज गुप्ता ने प्रकाश डाला। प्रथम सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में आरसीए गर्ल्स पीजी कॉलेज, मथुरा की प्राचार्य प्रो. अंजू बाला अग्रवाल ने कार्यस्थल संस्कृति की संवेदनशीलता, संवाद कौशल और व्यावसायिक मूल्यों पर विस्तार से विचार रखे। उनके व्याख्यान को प्रतिभागियों ने अत्यंत उपयोगी बताया। द्वितीय सत्र में राजा महेंद्र प्रताप विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. नीता ने पेशेवर पहचान निर्माण, आत्म-विकास एवं नेतृत्व कौशल पर सारगर्भित व्याख्यान दिया। इसके उपरांत प्रश्नोत्तर सत्र में प्रतिभागियों ने विषय से संबंधित जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। इस अवसर पर प्रो. अशोक उपाध्याय, डा. पूनम रानी, डा. संजय पाल, डा. कविता शर्मा, डा. बृजेश शर्मा, भावना राज, शगुफ्ता परवीन, सुजीत कुमार, डा. अनुराधा यादव, डा. रामकुमार पाठक, दीपिका गुप्ता, डा. यतेंद्र पाल आदि थे। संचालन एंजिला फातिमा ने किया।

















