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मथुरा 02 फरवरी । देश-दुनिया के विशेषज्ञों ने जी.एल. बजाज ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशंस, मथुरा में विज्ञान और प्रौद्योगिकी विषय पर हुए तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में हाई-परफॉर्मेंस कम्प्यूटिंग, क्वांटम तकनीकें, उन्नत एल्गोरिद्म तथा उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों पर अपने-अपने अनुभव साझा किए। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में 10 देशों के 19 विशेषज्ञ वक्ताओं ने आधुनिक गणितीय विधियों और उच्च-प्रदर्शन कम्प्यूटिंग पर अपने विचार व्यक्त किए। इस तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में हाई-परफॉर्मेंस कम्प्यूटिंग, क्वांटम तकनीकें, उन्नत एल्गोरिद्म तथा उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों पर वैश्विक स्तर की बौद्धिक प्रस्तुतियां देखने को मिलीं। सम्मेलन के अंतिम दिन डॉ. अनुज शर्मा, सेंटर ऑफ़ एडवांस्ड स्टडीज़, डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय, लखनऊ ने मानव जीवन के रूपांतरण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के प्रभाव पर अपने विचार साझा किए। प्रो. क्रिश्चियन क्लाइन, यूनिवर्सिटी ऑफ़ बर्गंडी, फ्रांस ने 3-डी में ज़खारोव-कुज़नेत्सोव समीकरण का संख्यात्मक अध्ययन विषय पर अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया, जबकि प्रो. मार्क इवेन, मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी, अमेरिका ने उच्च-आयामी एवं मल्टी-स्केल एलिप्टिक आंशिक अवकल समीकरणों के समाधान हेतु स्पार्स स्पेक्ट्रल विधियां विषय पर अपना शोध साझा किया।

आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल, उपाध्यक्ष पंकज अग्रवाल तथा जीएल बजाज संस्थान के सीईओ कार्तिकेय अग्रवाल ने आयोजन की प्रसंशा की। डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में एक-दूसरे द्वारा जो अनुभव साझा किए गए उससे विज्ञान और प्रौद्योगिकी को लाभ मिलेगा। उपाध्यक्ष पंकज अग्रवाल ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में अनुसंधान को बढ़ावा देने में ऐसे आयोजन मील का पत्थर साबित होंगे। श्री अग्रवाल ने कहा कि युवा पीढ़ी को किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक मार्गदर्शन मिलना भी जरूरी है। संस्थान की निदेशक प्रो. नीता अवस्थी ने अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के समापन अवसर पर देश-विदेश से आए विशेषज्ञों के अनुभवों की सराहना करते हुए कहा कि इससे विज्ञान और प्रौद्योगिकी को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन प्रतिभागियों के ज्ञानवर्धन के साथ-साथ शैक्षणिक अधिगम को वास्तविक क्षेत्रीय अनुभवों से जोड़ने में सफल रहा। उन्होंने सम्मेलन को संकाय सदस्यों, प्रस्तुतकर्ताओं एवं छात्र-छात्राओं को वैश्विक शिक्षाविदों और वैज्ञानिकों से जुड़ने तथा हाई-परफॉर्मेंस कम्प्यूटिंग एवं क्वांटम तकनीकों का वास्तविक-समय ज्ञान प्राप्त करने का सशक्त मंच बताया।

संयोजक डॉ. अभिषेक सिंह ने बताया कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी के पांचवें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में आधुनिक गणितीय विधियों और उच्च-प्रदर्शन कम्प्यूटिंग पर जो चर्चा और शोध पत्र प्रस्तुत हुए उसका सभी को लाभ मिलेगा। सम्मेलन में जर्मनी, जापान, सऊदी अरब, कनाडा, इटली, अमेरिका, सर्बिया, यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस तथा नेपाल सहित 10 देशों से 19 कीनोट एवं आमंत्रित वक्ताओं ने सहभागिता की और अपने बहुमूल्य ज्ञान एवं वैश्विक अनुभव साझा किए। इसके अतिरिक्त, तीन दिनों में संकाय सदस्यों, शोधकर्ताओं एवं शोधार्थियों द्वारा विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर 60 से अधिक गुणवत्ता-पूर्ण शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। अनुभव साझा सत्र में प्रो. आंद्रियास फिशर, टीयू ड्रेसडेन, जर्मनी तथा प्रो. यारोस्लाव डी. सर्गेयेव, यूनिवर्सिटी ऑफ़ कैलाब्रिया, इटली ने कहा कि यह सम्मेलन बहुविषयी शिक्षाविदों के साथ शोध प्रस्तुति एवं सहयोग के लिए उत्कृष्ट मंच सिद्ध हुआ। उन्होंने आयोजकों, प्रबंधन तथा सम्मेलन अध्यक्ष प्रो. वी.के. सिंह का वैश्विक स्तर का सम्मेलन आयोजित करने के लिए आभार माना।

सम्मेलन सचिव प्रो. नवनीत कुमार पांडेय ने कीनोट वक्ताओं, सत्र अध्यक्षों, समीक्षकों, आयोजन समिति के सदस्यों एवं स्वयंसेवकों के परिश्रम और समर्पण के लिए हार्दिक धन्यवाद प्रकट किया। अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की समस्त तकनीकी गतिविधियों का नेतृत्व तकनीकी प्रमुख डॉ. राजीव कुमार सिंह ने किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. शिखा गोविल, डॉ. शाम्भवी एवं खुशबू सिंह ने किया। अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

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