
हाथरस 01 फरवरी । एक फरवरी 2026 का दिन भारतीय अर्थव्यवस्था और आम आदमी के लिए बेहद हलचल भरा रहा। एक तरफ वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में बजट 2026 पेश कर रही थीं, वहीं दूसरी ओर सर्राफा बाजार में ऐतिहासिक उथल-पुथल देखी गई। बजट भाषण के दौरान और उससे ठीक पहले सोने और चांदी की कीमतों में ऐसी गिरावट आई कि निवेशकों और खरीदारों के होश उड़ गए। बजट पेश होने के बाद वायदा बाजार में सोने में रिकवरी देखी गई है। एमसीएक्स में 10 ग्राम सोने की कीमत 1,42,999 रुपये चल रही है। इसमें 6654 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट है। सोने में गिरावट तो है, लेकिन सुबह चल रही कीमत की तुलना में इसमें रिकवरी देखी गई है। ये रिकवरी बजट पेश होने के बाद आई है।
पिछले कुछ समय से रॉकेट की रफ्तार से बढ़ रहे सोने-चांदी के दामों पर ब्रेक लग गया है। हाथरस में आज उस समय खलबली मच गई, जब चांदी की कीमतों में तीन दिन के भीतर 1,54,500 रुपए प्रति किलो की ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई। वहीं, सोने ने भी निवेशकों को तगड़ा झटका देते हुए 45,000 रुपए प्रति 10 ग्राम की डुबकी लगाई। MCX में चांदी 2,65, 652 रुपए प्रति किलो पर आ गई। ( तीन दिन पहले यह लगभग 4 लाख 20 हज़ार रुपए के करीब थी)। MCX में सोना एक लाख 48 हज़ार रुपए रुपए प्रति 10 ग्राम (24 कैरेट) के स्तर पर आ गया। 1 फरवरी 2026 को बजट पेश होने के साथ ही भारतीय सर्राफा बाजार में सुनामी जैसी स्थिति देखी गई। वायदा बाजार (MCX) खुलते ही कीमती धातुओं की कीमतों में इतनी भारी गिरावट आई कि निवेशकों के बीच खलबली मच गई। चांदी की कीमतों में गिरावट का सिलसिला आज भी जारी रहा। बाजार खुलते ही चांदी 9 फीसदी से ज्यादा टूट गई और मात्र कुछ ही मिनटों में ₹26,273 सस्ती हो गई। गौर करने वाली बात यह है कि मात्र तीन दिन पहले (29 जनवरी) चांदी ने ₹4,20,000 प्रति किलो का ऐतिहासिक स्तर छुआ था। पिछले सत्र में ₹2,91,925 पर बंद होने वाली चांदी गिरकर ₹2,65,652 के निचले स्तर पर पहुंच गई।
















