
हाथरस 01 फरवरी । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पर विराट हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने हिन्दू समाज से जाति-पात और भेदभाव को त्याग कर धर्म के प्रति एकजुटता का संदेश दिया। लाडपुर में आयोजित हिन्दू सम्मेलन को संबोधित करते हुये श्री पंचायती अखाडा़ महानिर्वाणी महामंडलेश्वर पूज्य स्वामी देवस्वरूपानन्द सरस्वती महाराज ने कहा कि हिन्दू सनातन धर्म एक सभ्यता व संस्कृति है। इस सभ्यता व संस्कृति के संरक्षण के लिए संगठन जरूरी है। हिन्दू समाज को सजग और जिम्मेदार होकर आगे बढ़ना होगा। उन्होंने हिन्दू समाज की एकता को उसकी सबसे बड़ी ताकत बताते हुये समस्त हिन्दू समाज से एकजुट रहने का आह्वान किया। मुख्यवक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ हरिगढ़ विभाग प्रचारक गोविंद ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के 100 वर्ष की यात्रा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संगठित हिन्दू समाज ही सशक्त भारत की आधारशिला है। शक्तिशाली भारत के निर्माण के लिये है सम्पूर्ण हिन्दू समाज को वर्ग भेद भुलाकर एकजुट होना होगा। जब हिन्दू समाज एकजुट होगा तो निश्चित ही भारत परम वैभव पर विराजमान होगा। भारत माता की जय ,वंदेमातरम के जयघोषों से पूरा प्रांगण गूंज उठा। कार्यक्रम के समापन पर प्रसाद का भी वितरण किया गया। सम्मेलन की अध्यक्षता श्री बी. के. शर्मा तथा संचालन ऐ. के. सिंह ने किया। सम्मेलन में ब्रह्मकुमारीज बहिन भावना , श्री बलवीर सिंह, रामकिशन सिसोदिया , अरविन्द सिसोदिया, रवि जोशी, सर्वेश वार्ष्णेय, प्रेमशंकर शर्मा, दिनेश शर्मा, पूर्व सांसद राजेश दिवाकर, नगरपालिका अध्यक्ष श्वेता चौधरी पू. सांसद डॉ. बंगाली सिंह , कृष्णा कांत जोशी , श्याम सुन्दर , प्रखर वार्ष्णेय अजय वार्ष्णेय, बृजलाल शर्मा, नीरेश सिंह, गौरव प्रधान, अजय प्रधान, नवीन प्रधान, एडीजीसी अशोक कुमार सिंह आदि अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।
















