
हाथरस 01 फरवरी । एक पक्ष तक चलने वाले 90वें महाशिवरात्रि महोत्सव के कार्यक्रमों का शुभारंभ प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा भव्य रूप से किया गया। इस अवसर पर शिव दर्शन यात्रा, झांकी एवं प्रभातफेरी का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। कार्यक्रम का आयोजन हरपाल नगर स्थित सहज राजयोग प्रशिक्षण केंद्र पर केंद्र प्रभारी बी.के. हेमलता बहन के सानिध्य में किया गया। महोत्सव के अवसर पर हाथरस से पधारीं बी.के. शांता बहन ने अपने उद्बोधन में कहा कि “सारे विश्व में एकता और सद्भाव की स्थापना का कार्य केवल एक परमात्मा द्वारा ही संभव है, यह मनुष्य के वश की बात नहीं है।” उन्होंने कहा कि दैवीय युग में एक धर्म, एक राज्य, एक भाषा, एक कुल और एक मत था। उसी आदि सनातन देवी-देवता धर्म की पुनर्स्थापना का कार्य परमपिता परमात्मा शिव कल्पांत में स्वयं आकर कराते हैं। कार्यक्रम के अंतर्गत सर्वप्रथम शोभायात्रा निकाली गई, जो शहर के प्रमुख बाजारों से होती हुई हरपाल नगर स्थित ब्रह्माकुमारी केंद्र पर संपन्न हुई। शिव अवतरण संदेश यात्रा में ब्रह्माकुमार एवं ब्रह्माकुमारी माताएं-बहनें हाथों में शिव ध्वज लेकर चल रही थीं। “बेटियों को बचाना है, दैवीय गुणों से सजाना है” और “ढाई इंच की बीड़ी है, यही मौत की सीढ़ी है” जैसे जन-जागरूकता नारों ने लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। शोभायात्रा में सतयुगी महाराजा लक्ष्मी-नारायण की सुंदर झांकी आकर्षण का केंद्र रही।
शोभायात्रा के उपरांत उपस्थित ब्रह्मावत्सों द्वारा राजयोग भवन पर शिव ध्वजारोहण किया गया। इसके पश्चात कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलन कर विधिवत शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर इगलास ब्रह्माकुमारी केंद्र प्रभारी बी.के. हेमलता दीदी ने महाशिवरात्रि पर्व का आध्यात्मिक महत्व बताते हुए कहा कि सच्चा उपवास वही है, जिसमें इंसान अपनी मानसिक वृत्तियों को शुद्ध और पवित्र बनाए तथा बुराइयों से व्रत लेकर सत्यम-शिवम-सुंदरम परमात्मा शिव का संग करे। बी.के. शांता बहन ने कहा कि व्रत, रोज़ा और उपवास में केवल अन्न की शुद्धि पर ध्यान दिया जाता है, जबकि वृत्ति की शुद्धि सबसे आवश्यक है। जब वृत्ति शुद्ध होती है, तो कर्म स्वतः ही श्रेष्ठ बन जाते हैं। कार्यक्रम के सफल आयोजन में बी.के. मीना बहन, बी.के. कोमल बहन, बी.के. विपिन बहन, इंजीनियर राकेश कुमार, गजेन्द्र भाई, केशवदेव, मोनिका बहन, अस्मिता बहन, ओमप्रकाश, जीतू पहलवान, राकेश अग्रवाल, रचित, रचना, सत्यवती, सीमा, ओमवती, मंजू, ममता, शशि आदि का विशेष सहयोग रहा।
















