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हाथरस 01 फरवरी । मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजीव रॉय द्वारा प्रत्येक रविवार को आयोजित होने वाले मुख्यमंत्री आरोग्य मेले के अंतर्गत जनपद के दो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति की गहन समीक्षा की गई और लापरवाही पाए जाने पर सख्त निर्देश दिए गए। नगला वीर सहाय के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में निरीक्षण के समय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर श्री मदन कुमार (वार्ड बॉय) उपस्थित मिले, जबकि चिकित्सालय में तैनात डॉ. राहुल राजपूत, अम्बरीश सैंगर (फार्मासिस्ट) एवं कुशमलता (एएनएम) अनुपस्थित पाई गईं। इस पर मुख्य चिकित्साधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए अनुपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों का एक दिन का वेतन रोके जाने के आदेश दिए। निरीक्षण के समय तक चिकित्सालय में कोई भी मरीज उपचार हेतु नहीं पहुंचा था। प्रसव कक्ष में खिड़की के शीशे एवं प्रसव टेबल टूटी हुई पाई गई। चिकित्सालय में साफ-सफाई व्यवस्था संतोषजनक मिली, लेकिन इसे और बेहतर करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा चिकित्सालय में सपोर्टिव स्टाफ की तैनाती नहीं पाई गई, जिस पर तत्काल तैनाती के निर्देश दिए गए। उपस्थित स्टाफ ने बताया कि केंद्र पर 111 प्रकार की दवाएं उपलब्ध हैं तथा डेंगू, मलेरिया सहित सभी सामान्य जांचें फार्मासिस्ट द्वारा की जा रही हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पौरा में निरीक्षण के समय डॉ. आबिद शाकेब (चिकित्सा अधिकारी), शिवओम (वार्ड बॉय) एवं तरुणा कुशवाह (एएनएम) उपस्थित मिलीं। जबकि वीरेंद्र सिंह (फार्मासिस्ट) की उपस्थिति पंजिका में दर्ज होने के बावजूद वे चिकित्सालय में उपस्थित नहीं मिले।

निरीक्षण के समय तक चिकित्सालय में 5 मरीजों का उपचार किया जा चुका था। दवाओं की स्थिति की समीक्षा में पाया गया कि 195 दवाओं के सापेक्ष 135 दवाएं उपलब्ध हैं। चिकित्सालय में साफ-सफाई व्यवस्था अच्छी पाई गई। उपस्थित चिकित्सक ने बताया कि केंद्र पर प्रत्येक माह 10 से 15 प्रसव कराए जाते हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा एएनएम से एचआरपी (हाई रिस्क प्रेग्नेंसी) के संबंध में जानकारी लेने पर बताया गया कि क्षेत्र में इसकी संख्या लगभग 40 है, जो कि चिंताजनक है। इनमें से 2-3 गर्भवती महिलाओं का हीमोग्लोबिन 7 से कम पाया गया है। इस पर सीएमओ ने निर्देश दिए कि केंद्र पर सभी रजिस्टर अद्यतन रखे जाएं, तथा नियमानुसार टीकाकरण एवं जांच कार्य सुनिश्चित किए जाएं। मुख्य चिकित्साधिकारी ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का उद्देश्य आमजन को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है, इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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