
नई दिल्ली 01 फरवरी । केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2026-27 का आम बजट संसद में पेश किया। यह उनका लगातार नौवां बजट है। सरकार ने इस बजट को विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर बढ़ने वाला निर्णायक कदम बताया है। ऐसे समय में जब भारत वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, ऊंचे अमेरिकी टैरिफ और अंतरराष्ट्रीय व्यापार दबावों का सामना कर रहा है, इस बजट में घरेलू अर्थव्यवस्था को मजबूती देने, रोजगार सृजन और सामाजिक कल्याण पर विशेष फोकस किया गया है।
आम जनता को बड़ी राहत
बजट की सबसे अहम घोषणा आम लोगों से जुड़ी है। वित्त मंत्री ने कैंसर, डायबिटीज और 7 दुर्लभ बीमारियों से जुड़ी दवाओं को सस्ता करने का ऐलान किया है। इसके अलावा लेदर, कपड़ा, जूते, माइक्रोवेव ओवन, सोलर एनर्जी से जुड़ी वस्तुएं, इलेक्ट्रिक व्हीकल बैटरी और विमान निर्माण से संबंधित उपकरणों पर कस्टम ड्यूटी में कटौती की गई है। इससे इन उत्पादों के दाम घटने और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
सरकार ने चमड़े और कपड़े के निर्यात को भी सस्ता करने का फैसला लिया है, जिससे निर्यातकों को राहत मिलने और रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना है। रक्षा क्षेत्र में भी बेसिक कस्टम ड्यूटी में छूट की घोषणा की गई है।
कुछ वस्तुएं होंगी महंगी
जहां एक ओर कई जरूरी वस्तुएं सस्ती हुई हैं, वहीं बजट में मिनरल्स, स्क्रैप और शराब को महंगा किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे सरकार को राजस्व बढ़ाने में मदद मिलेगी, हालांकि उपभोक्ताओं पर इसका असर भी पड़ सकता है।
शेयर बाजार में हाहाकार
बजट पेश होने के बाद शेयर बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स 1600 अंकों से ज्यादा टूटकर 80,804 के स्तर पर पहुंच गया। निवेशकों में निराशा का माहौल देखने को मिला। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ सेक्टरों को अपेक्षित टैक्स राहत न मिलने और नीतिगत संकेतों को लेकर अनिश्चितता के कारण बाजार ने नकारात्मक प्रतिक्रिया दी।
टूरिज्म और रोजगार पर खास जोर
बजट में टूरिज्म को रोजगार और स्थानीय विकास का प्रमुख साधन बताया गया है। सरकार ने पांच पूर्वोत्तर राज्यों में नए पर्यटन स्थलों के विकास, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी की स्थापना और 15 पुरातात्विक स्थलों को ‘वाइब्रेंट डेस्टिनेशन’ के रूप में विकसित करने की घोषणा की है। डिजिटल नॉलेज ग्रिड के जरिए पर्यटन स्थलों की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी, जबकि ट्रेकिंग और हाइकिंग जैसी गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
महिलाओं और शिक्षा के लिए बड़े कदम
महिलाओं की शिक्षा को सशक्त बनाने के उद्देश्य से हर जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल बनाने की घोषणा की गई है। वित्त मंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा और STEM संस्थानों में पढ़ाई करने वाली छात्राओं को सुरक्षित और सुविधाजनक आवास उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। इसके अलावा 15,000 माध्यमिक विद्यालयों में ‘कंटेंट लैब’ स्थापित करने और प्रमुख औद्योगिक लॉजिस्टिक केंद्रों के आसपास पांच यूनिवर्सिटी टाउनशिप बनाने का प्रस्ताव रखा गया है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी
बजट में देश के प्रमुख शहरी और आर्थिक केंद्रों को जोड़ने के लिए सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया है। इनमें मुंबई–पुणे, पुणे–हैदराबाद, हैदराबाद–बेंगलुरु, हैदराबाद–चेन्नई, चेन्नई–बेंगलुरु, दिल्ली–वाराणसी और वाराणसी–सिलीगुड़ी शामिल हैं। सरकार का कहना है कि ये कॉरिडोर यात्रा का समय घटाने, प्रदूषण कम करने और क्षेत्रीय विकास को गति देंगे।
उद्योग और MSME को मजबूती
वित्त मंत्री ने सेमीकंडक्टर सेक्टर के लिए 40 हजार करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की। इसके तहत घरेलू कैपिटल गुड्स क्षमताओं को विकसित करने और आत्मनिर्भर सप्लाई चेन तैयार करने पर जोर दिया जाएगा। इसके अलावा MSME सेक्टर के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का विशेष ग्रोथ फंड शुरू करने का प्रस्ताव रखा गया है। छोटे करदाताओं के लिए नियम-आधारित स्वचालित कर प्रक्रिया और न्यूनतम वैकल्पिक कर (MAT) की दर को 15 प्रतिशत से घटाकर 14 प्रतिशत करने की घोषणा भी की गई है।
नया इनकम टैक्स एक्ट
बजट भाषण में वित्त मंत्री ने बताया कि नया इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल से लागू किया जाएगा। इसके तहत टैक्स फॉर्म को सरल बनाने, मुकदमेबाजी कम करने और समय पर आयकर रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया को आसान किया गया है। अब 31 जुलाई तक रिटर्न दाखिल किया जा सकेगा।
लखपति दीदी योजना का विस्तार
महिला सशक्तिकरण के लिए सरकार ने लखपति दीदी कार्यक्रम के विस्तार की घोषणा की है। इसके तहत महिलाओं को क्रेडिट-लिंक्ड आजीविका से उद्यमी बनाने, कम्युनिटी-ओन्ड रिटेल आउटलेट स्थापित करने और बेहतर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की योजना है।
संतुलन साधने की कोशिश
कुल मिलाकर बजट 2026-27 में सरकार ने आम जनता को राहत, महिलाओं और युवाओं के लिए अवसर, टूरिज्म और इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए रोजगार सृजन और उद्योगों को मजबूती देने का रोडमैप पेश किया है। हालांकि, शेयर बाजार की तीखी प्रतिक्रिया ने यह भी संकेत दिया है कि बजट के प्रभाव को लेकर निवेशकों में अभी संशय बना हुआ है।

















